जोया। भले ही जिम्मेदार हर साल करोड़ों रुपये खर्च करके शहर में विकास कार्य कराने का दावा करते हों लेकिन हकीकत में जोया के वार्ड नंबर नौ के हालात बेहद दयनीय है। यहां के लोगों का जीना मुहाल है। टूटी सड़कें और नालियां जिम्मेदारों की लापरवाही की गवाही दे रही हैं।
मोहल्ले में साफ-सफाई नहीं हो रही है। खुले नाले कूड़े से अटे पड़े हैं। शिकायतों के बाद भी लोगों की समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा। वार्ड नौ के मोहल्ले साईदाबाद और इकबाल नगर के लोग कहने को शहरी हैं, लेकिन हकीकत में उनका जीवन गांव से भी बदतर है। हर बार बोर्ड की बैठक में करोड़ों की धनराशि खर्च कर शहर के चहुंमुखी विकास के दावे किए जाते हैं, लेकिन हालात फिर भी नहीं बदले। वर्षों बाद भी वार्ड के लोग ग्रामीण परिवेश में जीवन यापन करने को मजबूर हैं।
वार्ड में जगह-जगह सड़कें टूटी हैं। कई नई आबादी वाले स्थानों में न नाली हैं, न सड़क। वार्ड का मुख्य मार्ग भी ऊबड़-खाबड़ है। पूरे वार्ड में सफाई व्यवस्था के नाम पर स्थिति पूरी तरह चौपट है। वार्ड के घरों में टंकी से गंदा पानी आ रहा है। लोगों ने इस संबंध में शिकायत भी की, लेकिन नगर पंचायत के जिम्मेदारों ने अनसुना कर दिया है। यहां के लोग दूषित पानी पीने को मजबूर हैं। लोगों को बीमारी फैलने का भी खतरा बना हुआ है।