भीषण गर्मी में लड़खड़ाई विद्युत आपूर्ति व्यवस्था से बृहस्पतिवार को किसानों का गुस्सा फूट गया। नाराज किसान बिजलीघर पहुंच गए और हंगामा कर दिया। किसानों की एसएसओ से नोकझोंक के बाद धक्कामुक्की हुई।
आरोप है कि, किसान बिजलीघर में तोड़फोड़ करने लगे, सहमे बिजलीकर्मी भाग खड़े हुए। पुलिस ने जेई रवीश त्यागी की तहरीर पर देर शाम 13 नामजद और 50 अज्ञात के िख्ालाफ सरकारी संपत्ति में तोड़फोड़ करने और सरकारी कार्य में बाधा डालने की रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
हसनपुर क्षेत्र में बिजली आपूर्ति सुधरने का नाम नहीं ले रही है। सिंचाई के अभाव में किसानों की फसलें बर्बाद हो रहीं हैं। लगातार कई किसान संगठन बिजली में सुधार की मांग कर चुके हैं। लेकिन विभागीय अधिकारी संगठनों की बातों को अनसुना कर रहे हैं। इससे खफा हसनपुर बिजलीघर से जुड़े गांव नूरपुर खुर्द, झकड़ी के ग्रामीण एकत्र होकर बिजलीघर पहुंच गए।
यहां विभागीय अधिकारियों के खिलाफ प्रदर्शन किया। बिजली घर में तैनात एसएसओ सोमदत्त और अन्य कर्मचारियों से किसानों की नोकझोंक हो गई। इस पर किसान और भड़क गए। यहीं पर रखी एसएसओ की कुर्सी-मेज को उठाकर पटक दिया, और तोड़फोड़ शुरू कर दी। अलमारियों में रखे अभिलेखों को भी फेंक दिया। ग्रामीणों का आरोप है कि गांवों को करीब बीस दिनों से विद्युत आपूर्ति नहीं मिल रही है।
बुधवार को भारतीय किसान यूनियन की पंचायत में संबंधित जेई को समस्या बताई गई थी, लेकिन कोई सुधार नहीं हुआ। झकड़ी निवासी राजेंद्र, बलवीर, लाखन का कहना है कि गांव को पंद्रह दिन से बिजली नहीं मिल रही है।
भाकियू के ग्राम पंचायत नूरपुर खुर्द के अध्यक्ष ओमप्रकाश व पीतम का कहना है कि बीस दिन से बिजली सप्लाई नहीं मिल रही है और अगर बिजली आती भी है तो जल्द ही चली जाती है। हंगामे की सूचना पर पहुंची कोतवाली पुलिस हंगामा कर रहे एक दर्जन से अधिक किसानों को हिरासत में लेकर कोतवाली ले आई। पुलिस ने किसानों के ट्रैक्टरट्राली को भी कब्जे में ले लिया है। हंगामे के बाद जेई व अन्य कर्मचारी भी कोतवाली पहुंच गए हैं।