अमरोहा। एनएचएआई ने ब्रजघाट पर पुराने पुल की मरम्मत के लिए पांच से छह महीना की मोहलत मांगी है। उसका दावा है बेयरिंग समेत अन्य चीजें खराब हैं। इसके चलते मेंटीनेंस में समय लग सकता है। फिलहाल पुराने पुल से 17 दिसंबर की रात से आवागमन पूरी तरह से बंद है। उम्मीद जताई जा रही है कि मेंटीनेंस के बाद मई या जून से आवागमन बहाल हो सकता है।
दिल्ली-मुरादाबाद रोड पर ब्रजघाट में गुजर रही गंगा नदी पर बने पुराने पुल का हाल ही में जीर्णोद्धार हुआ था। इस पर लगभग 25 करोड़ रुपये की रकम खर्च की गई थी लेकिन गुणवत्ता पर शुरुआती दौर में ही सवाल उठने लगे थे। बताते हैं कि सीमेंटेड पुल को उधेड़ा नहीं गया था। उसी पर डामर डालकर सड़क बिछा दी गई थी। स्थानीय लोगों ने एनएचएआई की कार्यशैली पर सवाल भी उठाए थे लेकिन उनकी शिकायत को तवज्जो नहीं दी गई। 17 दिसंबर की रात को पुल का पिलर धंस गया। पिलर संख्या चार लगभग आधा फीट नीचे हो गया। गनीमत रही कोई हादसा नहीं हुआ। इसके बाद आवागमन रोक दिया। डीएम उमेश मिश्र ने एनएचएआई के अफसरों से कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने पिलर के धंसने को गंभीर लापरवाही करार दिया। इसके बाद एनएचएआई ने मेंटीनेंस के लिए पांच से छह महीना की मोहलत मांगी है। प्रोजेक्ट मैनेजर वीके बंसल ने बेयरिंग समेत अन्य महत्वपूर्ण चीजों के खराब होने का दावा किया है। एनएचएआई के प्रोजेक्ट मैनेजर ने मेंटीनेंस के लिए पांच से छह महीना का समय मांगा है। डीएम उमेश मिश्र ने इस बार पुल के मेंटीनेंस में मानकों का पालन करने के निर्देश दिए हैं।