इस मौके पर नौ मई को भगवान श्री परशुराम जयंती पर नगर में प्रथम बार निकलने वाली शोभायात्रा को भव्य रूप देने के लिए रूपरेखा तैयार की गई।
कार्यक्रम का शुभारंभ सर्वप्रथम भगवान परशुराम के चित्र के समक्ष पुष्प अर्पित कर किया गया।
पंडित हरिदत्त शास्त्री ने गायत्री मंत्र का उच्चारण करते हुए कहा कि ब्राह्मण समाज के उत्थान के लिए विचारों में शुद्घता लाने पर जोर दिया। पूर्व चेयरमैन रोहताश शर्मा ने कहा कि ब्राह्मणों से समय-समय पर शक्ति प्रदर्शन करने को कहा। इसके लिए भगवान परशुराम जयंती पर होने वाले कार्यक्रम को सफल बनाने को कहा।
कार्यक्रम का संचालन कर रहे मारुत प्रभाकर ने परशुराम जयंती पर होने वाले कार्यक्रम की तैयारी के लिए जी-जान से जुटने को कहा। इस मौके पर सतीश चंद्र भाष्कर, डॉ. शिवदयाल शर्मा, रमेश चंद्र शर्मा, राकेश शर्मा, अश्वनी शर्मा, नवीन शर्मा, अजय शर्मा, अभिषेक त्रिवेदी, नरेश शर्मा ने विचार रखे।
संजीव शर्मा, प्रमोद उपाध्याय, विनोद शर्मा, अनुज शर्मा, सुभाष चंद्र शर्मा, लोकेश शर्मा, संतोष कुमार, महेश दत्त शर्मा, ब्रह्मजीत शर्मा, विनय शर्मा आदि मौजूद रहे। अध्यक्षता योगेंद्र शर्मा ने की।