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दूसरे बेटे की भी बुख्ाार से मौत, तीसरा मेरठ में भर्ती

Sun, 02 Oct 2016 02:19 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला अमरोहा
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अमरोहा के जिला अस्पताल में शनिवार को भर्ती मरीज। - फोटो : amar ujala
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 डिडौली क्षेत्र के परिवार पर तो बुखार काल बन कर टूटा है। बुखार से जूझ रहे एक बेटे की मौत को परिवार के लोग भूला भी नहीं पाए थे कि दूसरे की मौत हो गई। डेंगू बुखार की चपेट में आए युवक ने मेरठ अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ा। तीसरे भाई की हालत भी चिंताजनक बनी हुई है। मेरठ में ही उसका उपचार चल रहा है। लाश घर आते ही परिवार में कोहराम मच गया। पत्नी का रो रोकर हाल बेहाल है। 
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डिडौली कोतवाली क्षेत्र के गांव पूरनपुर निवासी तल्खी सिंह के तीन बेटे थे। तीनों बुखार से पीड़ित थे। दो दिन पहले उसके सबसे छोटे बेटे देवेंद्र की बुखार से मौत हो गई थी। परिवार के लोगों ने उसका अंतिम संस्कार कर दिया था। बेटे की मौत के गम से परिवार अभी उबर भी नहीं पाया था कि आज सबसे बड़े बेटे हुकम सिंह ने भी मेरठ के राजेंद्र दयाल अस्पताल में शाम के वक्त आखिरी सांस ली। परिजनों की बात पर यकीन करें तो बेटा डेंगू बुखार से पीड़ित था, जिसका उपचार चल रहा था।

तीन दिन के भीतर दूसरे बेटे की मौत से परिवार के लोग बदहवास है। लाश घर पहुंच गई है। मृतक की पत्नी विद्या देवी की रो रोकर हाल बेहाल है। मृतक के एक बेटा अश्वनी है। इधर परिजनों की मानें तो तीसरा बेटा विजय भी मेरठ के ही एक निजी अस्पताल में भर्ती है। ग्रामीण भी हैरान हैं। गांव में और भी लोग बुखार से पीड़ित हैं, जिनमें दहशत का माहौल बना हुआ है।
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चिकनगुनिया और बुखार से दो की मौत
हसनपुर/गंगेश्वरी। क्षेत्र में बुखार का प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा है। जानलेवा बुखार रोजाना किसी न किसी की जान ले रहा है। अब क्षेत्र के गांव दढ़ियाल में चिकनगुनिया से एक युवती की मौत हो गई तो करनपुर माफी में बुखार पीड़ित कक्षा सात की छात्रा की मौत हो गई।  

आदमपुर थाना इलाके के गांव दढ़ियाल निवासी वीरपाल की बीस वर्षीय बेटी पूजा को आठ दिन पहले बुखार आया था। बुखार के साथ हड्डियों में तेज दर्द की शिकायत बनी हुई थी। लगातार डाक्टर से उपचार कराने के बाद भी हालत में कोई सुधार नहीं हुआ, तो युवती को अनूपशहर ले जाया गया। वहां भी हालत में सुधार नहीं हुआ तो युवती को हापुड़ रेफर कर दिया गया। परिजनों के मुताबिक डाक्टरों ने पूजा को चिकनगुनिया होने की पुष्टि की थी। शुक्रवार की रात को पूजा ने हापुड़ के अस्पताल में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया।

उधर, हसनपुर क्षेत्र के गांव करनपुर माफी में शिक्षक सतेंद्र की कक्षा सात में पढ़ने वाली बेटी पलक को पंद्रह दिनों से बुखार आ रहा था। कई दिनों तक हसनपुर में निजी डाक्टर को दिखाने के बाद भी हालत में सुधार नहीं हुआ, तो मेरठ ले जाया गया। शुक्रवार की रात को पलक की मेरठ के अस्पताल में मौत हो गई। पिछले पंद्रह दिनों में गांव करनपुर माफी में बुखार से मरने वालों की संख्या अब तक पांच हो गई है। छात्रा की मौत से परिजनों में कोहराम मचा है। 
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