फर्जी वोटिंग पर पुलिस ने जमकर लाठियां बरसाईं। बुर्का पहनकर दोबारा वोट डालने की कोशिश करती महिलाएं पकड़ी गईं, जिन पर महिला कांस्टेबलों ने डंडे बरसाए और भगा दिया। जो भी बगैर पहचान पत्र पुलिस कर्मियों को नजर आया, वही निशाना बना। कई लोगों को पकड़कर थाने भिजवा दिया।
वोटर के सिवाय अन्य किसी व्यक्ति को बूथ के इर्द-गिर्द नहीं फटकने दिया। आधा घंटा तक एडीएम व एएसपी फोर्स के साथ मतदान केंद्र पर मौजूद रहे। भीड़ दूरदराज सड़क व बाग में खड़ी रही। दोनों अफसरों के निकलने के बाद ही पब्लिक की जान में जान आई।
प्रशासन ने कस्बा नौगावां सादात के फात्मा गर्ल्स इंटर कालेज को मतदान केंद्र बनाया था, जिसमें सुबह से ही मतदाताओं की भीड़ टूटने का नाम नहीं ले रही थी। अधिकारियों को यहां पर फर्जी वोट पड़ने की लगातार शिकायतें मिल रही थीं। मामले को गंभीरता से लेते हुए दोपहर करीब डेढ़ अपर जिलाधिकारी महमूद आलम अंसारी व अपर पुलिस अधीक्षक एनपी सिंह दलबल के साथ कस्बे में दाखिल हुए। बूथ पर भीड़ देखते ही पुलिस अधिकारियों का पारा चढ़ गया। जैसे ही लोगों की नजर पुलिस के वाहनों पर पड़ी वैसे ही इधर उधर भागने लगे।
गाड़ियों से उतरते ही पुलिस ने लोगों की तलाशी लेने का काम चालू कर दिया। इसमें कई फर्जी वोटर मिले, जिन्हें पुलिस ने लठियाना चालू कर दिया। महिलाएं बुर्का पहनकर फर्जी वोटिंग करने पहुंची। पता चलते ही महिला कांस्टेबलों ने उनकी पिटाई शुरू कर दी। मौके से भागकर उन्होंने जान बचाई। इसके बाद मतदान केंद्र के नजदीक जो भी दिखाई दिया, बस पुलिस के कोप का भाजन बन गया।
आधा किलो मीटर दूर जाकर लोग खड़े हो गए। तत्पश्चात बूथ पर जो भी दिखाई दिया, उसकी तलाशी ली। मोबाइल पर बातचीत करने पर पुलिस ने एजेंट तक को नहीं बख्शा। आधा घंटे तक दोनों अधिकारी दलबल के साथ जमा रहे, लेकिन उनके जाते ही लोगों ने सुकून की सांस ली।