जिले में पैथोलॉजी लैब और नर्सिंग होम में अवैध रूप से ब्लड निकालकर मरीजों को चढ़ाया जा रहा है। इससे मरीजों की जिंदगी दांव पर लगी रहती है। ब्लड बैंक के आंकड़ों पर गौर किया जाए, तो साढ़े तीन माह में अस्सी यूनिट ब्लड प्राइवेट अस्पतालों में मगाया गया, जबकि खपत इससे कई गुना ज्यादा है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि, इसकी कमी कहां से पूरी हो रही है।
जिले में करीब पंद्रह सर्जन की निजी नर्सिंग होम हैं, जहां मरीज के ऑपरेशन की सुविधा है। इस दौरान शरीर में खून की मात्रा कम होने पर मरीज को ब्लड चढ़ाया जाता है। एक सर्जन के यहां कम से कम एक माह में 20 से 25 यूनिट ब्लड की खपत होती है। यानी पंद्रह सर्जन के यहां 300-375 यूनिट ब्लड की हर माह खपत है।
प्रावधान के मुताबिक उन्हें ब्लड बैंक से ही ब्लड लेना चाहिए, लेकिन यहां ब्लड बैंक के आंकड़े कुछ और ही कहानी बयां कर रहे हैं। जनवरी से अब तक यानी साढ़े तीन माह में प्राइवेट नर्सिंग होम में मात्र 80 यूनिट ब्लड ही गया है। इतने समय में प्राइवेट नर्सिंग होम में 1000-1300 यूनिट तक ब्लड पहुंचना चाहिए था। शेष यूनिट कहां से आया, इस सवाल पर सेहत महकमे के अफसर चुप्पी साध ले रहे हैं। मगर आंकड़े नर्सिंग होम और पैथोलॉजी लैब में खून निकालने की ओर इशारा कर रहे हैं।
पैथोलॉजी लैब और नर्सिंग होम में निकाला जा रहा खून
अमरोहा। यूं तो जिले में एक ब्लड बैंक है और वह भी जिला अस्पताल में है। सूत्रों पर विश्वास करें तो निजी नर्सिंग होम में डाक्टर मरीज को ब्लड बैंक तक भेजते ही नहीं हैं। लैब पर ब्लड ग्रुप की जांच कराकर मरीज के परिजन या रिश्तेदारों का हाथों हाथ खून निकालकर मरीज को चढ़ा दिया जाता है। कई पैथोलॉजी लैब संचालक भी अवैध तरीके से ब्लड निकाल रहे हैं।
नर्सिंग होम पर नहीं होती छापेमारी
अमरोहा। स्वास्थ्य विभाग अल्ट्रासाउंड, पैथोलॉजी लैब, झोलाछाप के विरुद्ध छापेमारी तो करता है, लेकिन नर्सिंग होम, प्राइवेट अस्पताल, क्लीनिकों पर आज तक छापेमारी नहीं की गई। एक एसीएमओ स्तर के डाक्टर से जब इस संबंध में बात की गई, तो उनका साफ साफ कहना था कि नर्सिंग होम, प्राइवेट अस्पतालों पर छापे मारना उनके अधिकार क्षेत्र से बाहर की बात है। डाक्टर साहब सही कह रहे हैं या फिर बचाने की कोशिश कर रहे हैं, इसका अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है।
महिला की हालत नाजुक
अमरोहा। अभी शनिवार को प्रसिद्ध डाक्टर की ओर से महिला मरीज को दूसरे ग्रुप का खून चढ़ा दिया गया था। इससे उसकी बिगड़ी तबीयत में सुधार नहीं हुआ है।
-प्राइवेट डाक्टरों के लिए ब्लड बैंक से ही ब्लड लेने के निर्देश हैं। यदि पैथोलॉजी लैब या फिर नर्सिंग होम्स पर ब्लड निकालकर मरीज के चढ़ाया जा रहा है, तो यह कानूनन अपराध है। मामले की जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।-डा.एसके जैन सीएमओ