अमरोहा। प्राथमिक विद्यालय निरयावली भूड़ के प्रधानाध्यापक वैभव गुप्ता के खिलाफ भारतीय किसान यूनियन टिकैत शिक्षक प्रकोष्ठ के कार्यकर्ताओं ने कलक्ट्रेट पर धरना प्रदर्शन करते हुए कहा कि प्रधानाध्यापक ने भ्रष्टाचार की पोल खुलने के डर से साथी शिक्षकों को फंसाया है। उनके खिलाफ की गई कार्रवाई को खत्म किया जाए। जबकि जांच पूरी होने तक प्रधानाध्यापक को विद्यालय से हटाया जाए।
21 मार्च को प्रधानाध्यापक की जहर के सेवन से हालत बिगड़ गई थी। उन्होंने साथी शिक्षकों पर उत्पीड़न का आरोप लगाया था। मामले में सहायक अध्यापक हेमराज कोहली, नन्हें सिंह व शिक्षामित्र अजीत सिंह के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई थी, हेमराज कोहली व नन्हें सिंह को निलंबित भी किया गया था। इस प्रकरण में शुक्रवार को धरना प्रदर्शन करते हुए वक्ताओं ने कहा कि प्रधानाध्यापक द्वारा विद्यालय स्टाफ को लगातार बेवजह निजी स्वार्थ के लिए प्रतिदिन प्रताड़ित किया जा रहा था। विद्यालय स्टाफ से कई बार गाली गलौज व जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए लगातार स्कूल से भगाने की धमकी दी जा रही थी। आरोप है कि प्रधानाध्यापक नियमित रूप से नहीं आते थे यदि आते भी थे तो ब्लॉक व्यायाम शिक्षक होने के नाते कभी खेल और कभी ट्रेनिंग के नाम पर अक्सर विद्यालय से अनुपस्थित रहते थे। विद्यालय में बन रहे भवनोें में भ्रष्टाचार किया जा रहा है। इस संबंध में बीईओ से पहले ही शिकायत की जा चुकी थी। कई बार स्कूल स्टाफ को मानसिक व आर्थिक रूप से उत्पीड़न किया गया था। कई बार झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी गई थी। अब प्रधानाध्यापक के मूल विद्यालय में रहने से तथ्यों के साथ छेडछाड़ की जा रही है। डीएम को ज्ञापन दिया गया। इस मौके पर जिलाध्यक्ष चौधरी चंद्रपाल सिंह, राकेश चाहल, मोहन बेनीवाल, धर्मेंद्र सिंह, प्रमोद कुमार, राहुल कुमार, अंकित चाहल, विपिन कुमार, पुष्पेंद्र कुमार, मोहित गिल रहे।