अमरोहा। किसानों की समस्याओं को लेकर भाकियू शंकर के पदाधिकारियों ने शनिवार को कलक्ट्रेट पर प्रदर्शन कर अधिकारियों पर शोषण करने का आरोप लगाया। समस्याओं से संबंधित 11 सूत्री ज्ञापन डिप्टी कलेक्टर बृजपाल सिंह को सौंपा। मांगें पूरी न होने पर सात नवंबर को कलक्ट्रेट के घेराव की चेतावनी दी है।
राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी दिवाकर सिंह ने कहा कि शासन द्वारा किसान हित में बहुत सी योजनाएं जारी की गई हैं, परंतु प्रशासनिक अधिकारियों की उदासीनता के चलते जनता को इनका लाभ नहीं मिल पा रहा है। सभी विभागों में भ्रष्टाचार अपनी चरम सीमा पर है। ढक्का गांव में चकबंदी अधिकारियों ने जमकर धांधली की है। यहां चकबंदी प्रक्रिया में मिलीभगत व षड्यंत्र के तहत कुछ किसानों की जमीन खतौनी व मौके पर पूरी होने के बाद भी अभिलेखों में कम दर्शाया गया है। कुछ किसानों की जमीन मौके पर पूरी है, लेकिन पैमाइश के वक्त जानबूझकर अभिलेखों में कम दर्ज की है। चकबंदी प्रक्रिया को समाप्त कराया जाना न्यायसंगत होगा।
गन्ना विभाग लखनऊ से प्रदेश के किसानों के गन्ना सट्टा को लॉक कर दिया गया है। गन्ना किसान के हित में सट्टा परिवर्तन कराया जाए। गन्ना पेराई सत्र में घटतौली रोकी जाए। सरकार ने किसान क्रेडिट कार्ड की लिमिट तीन लाख से बढ़ाकर पांच लाख रुपए कर दिया है, लेकिन सभी बैंकों ने अभी इसे लागू नहीं किया है। संगठन विद्युत निजीकरण, स्मार्ट मीटर व विद्युत दरों की बढ़ोतरी का विरोध करता है। किसी भी हाल में विद्युत निजीकरण नहीं किया जाए। जिले के विकास के लिए अमरोहा विकास प्राधिकरण का गठन व गजरौला में ट्रामा सेंटर बनाया जाए। नक्शा पास करने के नाम पर अवैध उगाही कर रहे हैं। गंगा धाम तिगरी में विद्युत शवदाह गृह के निर्माण के साथ ही तिगरी से ब्रजघाट तक गंगा रिवर फ्रंट बनाते हुए इसे पर्यटक स्थल घोषित किया जाए। चेतावनी देते हुए कहा कि सभी समस्याओं का छह नवंबर तक समाधान नहीं किया जाता है तो वह सात नवंबर कलक्ट्रेट का घेराव करते हुए धरना-प्रदर्शन व आंदोलन किया जाएगा।