अमरोहा। पांच साल की वारंटी वाली नामचीन कंपनी की बैटरियां खरीद के कुछ दिन बाद खराब होने के बावजूद न कंपनी ने समाधान किया और न विक्रेता ने वारंटी का लाभ दिया। परेशान किसान को उपभोक्ता आयोग की शरण लेनी पड़ी। सुनवाई के बाद जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने बैटरी कंपनी और विक्रेता को सेवा में कमी का दोषी ठहराते हुए दोनों बैटरियां बदलकर नई देने या 34 हजार रुपये की मूल रकम छह प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित लौटाने के आदेश दिए हैं। साथ ही मानसिक एवं आर्थिक क्षति और वाद व्यय के रूप में 10 हजार रुपये देने होंगे।
जोया निवासी कामरान अख्तर ने 22 मई 2020 को नामचीन कंपनी की दो बैटरियां 34 हजार रुपये में खरीदी थीं। विक्रेता ने पांच साल की वारंटी दी थी। किसान के मुताबिक कुछ ही दिन बाद दोनों बैटरियां खराब हो गईं। 15 जुलाई 2021 को शिकायत करने पर विक्रेता ने बैटरियां कंपनी भेजकर बदलवाने का भरोसा दिया, लेकिन करीब 15 दिन बाद दोनों बैटरियां बिना ठीक कराए वापस कर दी गईं।
20 मार्च 2022 को किसान ने दोबारा दुकान पहुंचकर बैटरियां बदलने की मांग की, लेकिन विक्रेता ने वारंटी खत्म होने की बात कहते हुए इन्कार कर दिया। नोटिस भेजने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ। इसके बाद कामरान अख्तर ने जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग में शिकायत दाखिल की।
सुनवाई के दौरान आयोग के अध्यक्ष और महिला सदस्य ने दोनों पक्षों को सुना। आयोग ने पाया कि वारंटी के बावजूद खराब बैटरियों की समस्या का समाधान नहीं किया गया। इसे सेवा में कमी मानते हुए कंपनी और विक्रेता को जिम्मेदार ठहराया गया। आयोग ने बैटरियां बदलकर नई देने और ऐसा संभव न होने पर 34 हजार रुपये छह प्रतिशत ब्याज सहित लौटाने के आदेश दिए।