बाल काटने वाली कैंची घोंपकर मजदूर की हत्या करने के मामले में न्यायालय ने बारबर को उम्रकैद की सजा सुनाई है। साथ ही 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। गिरफ्तारी के बाद से ही दोषी बारबर जेल में बंद है, उसे जमानत नहीं मिल सकी थी। सैदनगली कस्बा में तौफीक अहमद का परिवार रहता है।
15 मई 2022 की सुबह सवा दस बजे तौफीक अहमद का बेटा रोहिद मोहम्मद महबूब की दुकान पर बाल कटवाने गया था। इस दौरान मोहम्मद महबूब ने बाल काटने से मना कर दिया। जिसे लेकर मोहम्मद महबूब और रोहिद के बीच मारपीट हो गई। तभी दुकान पर मौजूद दो युवकों ने रोहिद को पकड़ लिया।
बारबर मोहम्मद महबूब ने बाल काटने वाली कैंची छाती में घोंपकर उसे लहूलुहान कर दिया। घटना को अंजाम देकर आरोपी मौके से भाग निकले। इस दौरान मौके पर पहुंचे परिजनों ने लहूलुहान रोहिद को सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया। जहां से उसे हसनपुर रेफर कर दिया गया।
यहां डॉक्टरों ने रोहिद को मृत घोषित कर दिया था। इस मामले में पुलिस ने बारबर मोहम्मद महबूब और उसके दो अज्ञात साथियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया था। बाद में पुलिस ने हत्यारोपी मोहम्मद महबूब को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। तभी से वह जेल में बंद है।
पुलिस ने इस मामले में अकेले मोहम्मद महबूब के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया। इस मुकदमे की सुनवाई जनपद न्यायाधीश जफीर अहमद की अदालत में चल रही थी। अभियोजन पक्ष की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता महावीर सिंह पैरवी कर रहे थे।
न्यायालय ने बुधवार को मुकदमे में सुनवाई की और साक्ष्यों व सबूतों के आधार पर आरोपी मोहम्मद महबूब को दोषी करार दिया। साथ ही उम्रकैद की सजा सुनाई और 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।