बान नदी की पैमाइश का कार्य फिर टल गया है। अब प्रश्ाासन इस कार्य को कराने के लिए आगे आया था कि, केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह की पांच जून को किसान स्वाभिमान रैली के चलते अफसर व्यस्त हो गए। अब छह जून से बान नदी की पैमाइश का कार्य शुरू कराए जाने का अनुमान लगाया जा रहा है। अफसर रैली की तैयारियों में उलझ गए हैं। जिसके कारण शुक्रवार को पैैमाइश नहीं हो सकी।
सूख चुकी बान नदी को पुनजीर्वित कराने के लिए अमर उजाला ने अभियान चलाया है। उजाला की मुहिम पर प्रशासन बान नदी की खुदाई को आगे आया है। खुदाई को राजस्व विभाग के अभिलेख खांगले जा रहे हैं। क्योंकि कई गांव के नक्शे से बान नदी गायब है।
कहीं नदी की जमीन भूमिधर में दर्ज हो तो कहीं नदी क्षेत्र में फसल खड़ी हैं। 1959 के बाद नदी का रिकार्ड दर्ज नहीं है। शुक्रवार से बान नदी की पैमाइश का कार्य प्रारंभ होना था, लेकिन केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह की रैली के चलते पैमाइश का कार्य आज प्रारंभ नहीं हो सका। अब छह जून से पैमाइश कार्य चलेगा।
एसडीएम सदर प्रवीणा ने बताया कि हर हाल में बान नदी की खुदाई कराई जाएगी। इसके लिए पूरी तैयारी कर ली गई है। सोमवार से नदी की पैमाइश का कार्य युद्धस्तर पर शुरू करा दिया जाएगा। इसमें लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।