फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

वसूली पर जोर, बकाया भुगतान पर चुप्पी

Sat, 16 Apr 2016 12:03 AM IST
प्रदीप /अमर उजाला, अमरोहा
विज्ञापन
विज्ञापन
सहकारिता विभाग की ओर से जारी नोटिस में तीस जून तक कर्ज  अदा करने के लिए कहा गया है। निर्धारित अवधि के अंदर कर्ज की अदायगी नहीं करने पर तीन के बजाय बारह प्रतिशत ब्याज वसूली की चेतावनी दी गई है। ऐसे में किसानों के सामने संकट आ गया है।   
विज्ञापन


बता दें कि गत वर्ष अधिकांश किसानों की गेहूं की फसल बर्बाद हो गई थी। मुआवजे के नाम पर भी किसानों को कोई बड़ी राहत नहीं मिली थी। इससे किसानों की माली हालत बिगड़ती जा रही है। कर्ज लेकर परिवार का पालन पोषण करना पड़ रहा है और बेहतर उपज की उम्मीद में किसानों को हर साल फसलों की बुवाई, अन्य कार्यों के लिए सहकारी समिति और बैंकों से कर्ज लेना पड़ रहा है। इस साल के लोन वितरण के आंकड़ों पर गौर करें तो जनपद के तीस हजार किसानों ने सहकारी समितियों से वित्तीय वर्ष में करीब डेढ़ अरब रुपये का कर्ज लिया था। डेढ़ अरब के सापेक्ष अभी तक पंद्रह करोड़ की वसूली हुई है। 

क्या है वसूली का प्रावधान 
सहकारिता विभाग की ओर से किसानों को फसलों की बुवाई, खाद बीज, व लोन के रूप में धनराशि दी जाती है। तीन प्रतिशत ब्याज की दर पर किसानों को लोन दिया जाता है। किसानों को समितियों से लेने वाले कर्ज की अदायगी तीस जून तक करनी होती है। क्योंकि किसानों से जो कर्ज की वसूली होगी। उसी धनराशि को ही अगले साल के लिए किसानों को लोन के रूप में दिया जाएगा, क्योंकि लोन वितरण के लिए समितियों को शासन से अलग धनराशि नहीं मिलती है। 
विज्ञापन

आखिर किसान कैसे चुकाएं कर्ज

अब सवाल यह उठता है, शुगर मिलें दो अरब से अधिक का भुगतान दबाएं बैठी हैं। गत वर्ष की फसल बर्बाद हो चुकी हैं। इस साल का भी गन्ना भुगतान किसानों को नहीं मिला है। इससे पाई-पाई को मोहताज किसान तीस जून तक भुगतान कैसे करेगा। 


तीस जून तक वसूली का टारगेट पार करने का शासन से समय मिला है। डेढ़ अरब लक्ष्य के सापेक्ष अभी तक पंद्रह करोड़ की वसूली हुई है। वसूली के लिए किसानों पर कोई दबाव नहीं दिया जा रहा है। शासन का जो भी आदेश होगा उसका पालन किया जाएगा। 
विज्ञापन

-रमेश यादव, एआर, कोऑपरेटिव

 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें