हसनपुर(अमरोहा)। क्षेत्र में इन दिनों बुखार का प्रकोप तेजी से बढ़ता जा रहा है, जिससे लोग दहशत में हैं। तहसील क्षेत्र के गांव मरौरा में बुखार की चपेट में आने से बीए की छात्रा सरोज (18) की असमय मौत हो गई। छात्रा की मौत से परिजनों में कोहराम मच गया है।
बताते हैं कि गांव मरौरा निवासी पूर्व प्रधान चरन सिंह की इकलौती बेटी सरोज (18) को बीते 10 सितंबर को अचानक तेज बुखार आया था। परिजनों ने स्थानीय निजी चिकित्सक से उसका उपचार कराया, लेकिन उसकी हालत में कोई सुधार नहीं हुआ। शनिवार की रात करीब नौ बजे छात्रा की तबीयत अधिक बिगड़ने पर परिजन उसे उपचार के लिए मेरठ ले जा रहे थे। हालांकि, मेरठ पहुंचने से पहले ही रास्ते में उसने दम तोड़ दिया।
रविवार सुबह बिना किसी कार्रवाई के गमगीन माहौल में गंगा घाट पर शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया। मृतका के पिता चरन सिंह ने बताया कि सरोज आईटीआई का डिप्लोमा कर चुकी थी और वर्तमान में बीए की पढ़ाई के साथ रहरा से कंप्यूटर कोर्स कर रही थी। चरन सिंह के परिवार में बेटी सरोज की मौत के बाद दो बेटे हैं। रहरा सीएचसी प्रभारी डॉ. मुदित गौतम ने बताया कि छात्रा की बुखार से मौत होने की कोई सूचना स्वास्थ्य विभाग को नहीं मिली है।