जिलेभर में एटीएम संचालन व्यवस्था ध्वस्त हो गई है। ज्यादातर सफेद हाथी बने हुए हैं, ये एटीएम या तो बंद हैं या खाली पड़े हैं। ये मशीनें रुपये नहीं उगल रही हैं, नतीजतन उपभोक्ता सुबह-शाम और देर रात तक एक एटीएम से दूसरे और दूसरे एटीएम से तीसरे एटीएम पर भटक रहे हैं।
किसी एटीएम में नगदी पहुंचने की जानकारी पलभर में साथियों, परिजनों और पड़ोसियों के जरिए दूसरे से तीसरे तक पहुंच रही है। नतीजतन कुछ ही क्षणों में लंबी लाइन लग जा रही है। इससे जल्द ही एटीएम खाली हो जा रहे हैं। यही हाल गजरौला में एक बार फिर नजर आया। गजरौला में कोर्पोरेशन बैंक के एटीएम ने एक घंटे रुपये उगले ही थे कि कैश खत्म हो गया, बाकी लोगों को निराश लौटना पड़ा।
पिछले ग्यारह दिनों से एटीएम व्यवस्था पूरी तरह से ठप हैं। बैंकों में लाइन में लगने से कतरा रहे लोग एटीएम बंद होने की वजह से परेशान हैं। करेंसी नहीं मिलने की वजह से लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। खाते में पैसे होते हुए भी लोग बिल्कुल खाली हैं। जो लोग सुबह आठ बजे तक बैंकों के बाहर लाइन में लग जाते हैं।
उन्हें उन्हें थोड़ी सी करेंसी जरूर मिल जाती है। लेकिन जो लोग आठ बजे के बाद लाइन में लगने का प्रयास करते हैं। वह दोपहर दो बजे तक भी बैंक में प्रवेश नहीं कर पाते, ऐसे में शाम हो जाती हैं, और उन्हें कल आने के लिए कह दिया जाता है। एटीएम की व्यवस्था और भी बुरी है। शनिवार में दर्जनों एटीएम बिलकुल ठप हैं। बताया जाता है कि कोर्पोरेशन बैंक के एटीएम ने दिन में एक घंटे जरूर रुपये दिए, लेकिन भीड़ ज्यादा होने पर कैश खत्म हो गया।
अमरोहा में नगर क्षेत्र में स्थित बैंकों के एटीएम में भी करेंसी नजर नहीं आई। अधिकांश एटीएम सुबह से ही ठप दिखे। एसबीआई, पीएनबी, प्रथमा, सिंडीकेट, एचडीएफसी, आईडीबीआई बैंक के एटीएम पूरी तरह बंद रहे। किसी से भी नोट नहीं उगले। देर शाम एक्सेज बैंक का एटीएम चालू हुआ तो लंबी लाइन लग गई। देर रात तक उपभोक्ता कतारों में लगे नजर आए और पुलिस व्यवस्था बनाते हुए दिखी।