अमरोहा। गर्भवतियों को को सरकारी अस्पताल में प्रसव कराने की सलाह देने वाली आशा की निजी अस्पताल में प्रसव के दौरान मौत हो गई। उसने एक बच्चे को जन्म दिया है। आशा के परिजनों ने डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। बाद में दोनों पक्षों में समझौता हो गया। इसके बाद परिजन बगैर कार्रवाई आशा के शव को घर ले गए। जहां अंतिम संस्कार कर दिया है।
यह मामला डिडौली कोतवाली क्षेत्र के एक निजी अस्पताल का है। क्षेत्र के एक गांव निवासी किसान की पत्नी आशा के पद पर तैनात थी। वह गर्भवती थी, सोमवार रात प्रसव पीड़ा होने पर परिजनों ने जोया में निजी अस्पताल में भर्ती कराया। जहां उसने एक बेटे को जन्म दिया। प्रसव के थोड़ी देर बाद आशा को रक्तस्राव हुआ उसकी हालत बिगड़ गई। इससे पहले परिजन कुछ समझ पाते उसकी मौत हो गई। आशा की मौत से परिजनों में कोहराम मच गया। परिजनों ने चिकित्सक पर लापरवाही का आरोप लगाकर हंगामा किया। अस्पताल में तोड़फोड़ की स्थिति बन गई। बाद में कुछ लोगों ने समझौता करा दिया। बाद में परिजन बगैर कानूनी कार्रवाई करे आशा के शव को लेकर घर पहुंचे। जहां अंतिम संस्कार कर दिया है।