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मौसम में गर्मी बढ़ते ही रोटा वायरय और डायरिया की चपेट में आ रहे बच्चे

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अमरोहा। मौसम में गर्मी बढ़ने के साथ रोटा वायरस और डायरिया की चपेट में आ रहे बच्चों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। डॉक्टरों के मुताबिक यह वायरस गंदगी की वजह से फैलता है। इसकी चपेट में आए बच्चे को ठीक होने में पांच दिन का समय लग जाता है। सरकारी अस्पतालों की ओपीडी में रोजाना आठ से दस बच्चे देखे जा रहे हैं।
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जिला अस्पताल अमरोहा के डॉ चरण सिंह ने बताया कि रोटा वायरस से पीड़ित बच्चों में बुखार, पेट में दर्द, उल्टी और दस्त जैसी समस्या होती हैं, जिसकी वजह से बच्चे के शरीर में पानी की कमी आ जाती है। अगर बच्चे को बार-बार उल्टी और दस्त आ रहे हैं तो उसे तुरंत चिकित्सक के पास ले जाएं। बच्चों में फिर से रोटा वायरस के लक्षण दिखाई देने लगे हैं। अस्पतालों में रोजाना 8 से 10 बच्चे रोटा वायरस से संबंधित आ रहे हैं। इसका असर बच्चों में करीब पांच दिन तक रहता है। इन दिनों बच्चों की सेहत का पूरा ध्यान रखें। बच्चों में पानी की कमी को दूर करने के लिए ओआरएस, जिंक पिलाते रहे। इससे बच्चे में पानी की कमी नहीं होगी।
रोटा वायरस पानी से फैलता है। बच्चों को स्वच्छ पानी पिलाएं। गर्मी बढ़ने पर सबसे ज्यादा असर बच्चों पर होता है। आमतौर पर बच्चे डायरिया का शिकार हो जाते हैं। इन दिनों रोटा वायरस सक्रिय हो गया है। जो कि बच्चों को अपनी चपेट में ले रहा है। इसकी चपेट में आने वाले बच्चों को पहले बुखार आता है इसके बाद यह डायरिया के शिकार हो जाते हैं। जिससे बच्चे को उल्टी दस्त आने शुरू हो जाते हैं। बच्चे को काफी कमजोरी आ जाती है। यह वायरस गर्मी के मौसम में सक्रिय हो जाता है। रोटा वायस इसकी वैक्सीन भी लगाई जाती है।
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