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Amroha News: सोने की महंगाई से आर्टिफिशियल गहनों की चांदी

Wed, 08 Oct 2025 02:29 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
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अमरोहा शहर में करौवा चौथ के लिए खरीदारी करतीं महिलाए। संवाद
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अमरोहा। करवा चौथ पर तैयारियों के लिए बाजार गुलजार हो चले हैं। हालांकि इस बार सोने व चांदी पर आई महंगाई से आर्टिफिशियल गहनों की खरीद बढ़ गई है। सोने के आभूषण खरीदने के बजाय महिलाएं आर्टिफिशियल ज्वेलरी खरीदने को अधिक तवज्जो दे रहीं हैं। महिलाएं कपड़ों की मैचिंग के हिसाब से ही अपनी ज्वेलरी भी खरीद रही हैं।
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महंगाई के कारण सोना खरीदना किसी सपने से कम नहीं साबित हो रहा है। करवा चौथ के मौके पर सराफा कारोबार में जहां हर साल रौनक रहती थी, वहीं इस बार सोने की खरीद पर भी फर्क पड़ता दिखाई दे रहा है। महंगाई के कारण महिलाएं सोने के आभूषण खरीदने के बजाय आर्टिफिशियल ज्वेलरी की और रूख कर रहीं हैं। शहर में बड़ी तादाद में आर्टिफिशियल ज्वेलरी की दुकाने हैं जहां त्योहारी सीजन के लिए दुकानदारों से पहले से ही तैयारी कर अलग-अलग तरह की आर्टिफिशियल ज्वेलरी की रेंज रखी थी।
दुकानदार शशांक वर्मा ने बताया कि करवा चौथ के लिए महिलाएं ज्वेलरी खरीद करने के लिए पहुंच रहीं हैं। वह बताते हैं इस समय बाजार में फिंगर रिंग, हाथ के कड़े, गले का हार, नथ, बिछुए व पायल की आर्टिफिशियल में अधिक मांग है। उनके अनुसार आर्टिफिशियल ज्वेलरी में अमेरिकन डायमंड ज्वेलरी, एंटीक ज्वेलरी, सिल्वर गोल्ड ज्वेलरी, गोल्ड प्लेटेड ज्वेलरी की अधिक खरीद हो रही है।
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सोने व चांदी के दाम बढ़ने से इस बार बाजार पर फर्क पड़ा है। पहले की तुलना में करीब 60 फीसदी कम बिक्री हो रही है। सोने के आभूषण की भी जहां कम खरीद हो रही है वहीं, चांदी में पायल व बिछुए की ही अधिक मांग है। - नितिन शंकर अग्रवाल, सराफा कारोबारी
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सोने व चांदी पर महंगाई के कारण बैंकॉक की चांदी की अधिक मांग हो रही है। यह वजन में तो कम होती ही है, साथ में देखने में भी आकर्षक लगती है। - शार्दुल अग्रवाल, सराफा कारोबारी
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सोना अब बहुत महंगा हो गया है, लेकिन उन्हें हर अवसर पर नए गहने पहनने का शौक है। इसलिए वे अब आर्टिफिशियल ज्वेलरी ही खरीद रही हैं। ये काफी कम दाम में मिल जाता है और गोल्ड लुक ही देता है। इसलिए उन्हें इसे खरीदने में कोई दिक्कत नहीं है।- अनुराधा
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घर से चांदी के बिछवे व पायल खरीदने के लिए बाजार आई थी। लेकिन बजट के बाहर होने के चलते खरीदारी नहीं कर सकी। जिसके बाद आर्टिफिशियल ज्वेलरी खरीद कर ही संतोष करना पड़ा।- रेखा
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