अमरोहा। दस दिन पहले रजबपुर थाना क्षेत्र के गांव आंबेडकर नगर में संदिग्ध परिस्थितियों में गर्भवती महिला सीनू की मौत के मामले में नया खुलासा हुआ है। सीनू की हत्या के लिए मुरादाबाद बिजली विभाग में तैनात जेई पति ने इनामी बदमाश कालिया को सुपारी थी। इस हत्या को हादसा दिखाकर अंजाम देना था। लेकिन सीनू बाल-बाल बच गई। इसके बाद पांच जून को सीनू की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। इस मामले में दर्ज दहेज हत्या की रिपोर्ट में पुलिस ने जेई पति समेत छह लोगों के खिलाफ हत्या के लिए साजिश रचने में तरमीम कर दी है। वहीं पुलिस ने हत्या की सुपारी दिलाने वाले वकील के मुंशी को भी गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
डिडौली कोतवाली पुलिस ने चेकिंग में शनिवार की रात पचीस हजार रुपये का इनामी सुपारी किलर नासिर उर्फ कालिया को गिरफ्तार कर लिया। इनामी बदमाश नासिर उर्फ कानिया की गिरफ्तारी के बाद एसपी डॉ विपिन ताडा ने बताया कि वह मुकदमों के संबंध में कचहरी आता जाता रहता था। जहां एक वकील के मुंशी छत्रपाल निवासी इकोंदा थाना डिडौली से मुलाकात हुई। छत्रपाल ने नासिर को सीनू की हत्या की सुपारी दिलवाई थी। सीनू का पति सुरेंद्र मुरादाबाद में बिजली विभाग में जेई हैं। विवाहिता को मारने की सुपारी उसके पति सुरेंद्र, ससुर कृपाल और देवर सतेंद्र ने एक लाख रुपये में दी थी। विवाहिता को एक्सीडेंट करके मारना तय हुआ था। इसके लिए नासिर को 20 हजार रुपये एडवांस दिए गए थे। जबकि अन्य रकम काम होने के बाद देना तय हुआ था। विवाहिता के पति ने सुरेंद्र ने प्लान के तहत बताया था कि वह अपनी पत्नी सीनू को लेकर हाईवे पर जाएगा। जहां वह रुककर लघुशंका करेंगे, तभी तुम अपनी गाड़ी से टक्कर मारकर मार देना। सुरेंद्र के पीछे उसका भाई सतेंद्र दूसरी बाइक से चल रहा था, जो नासिर को अपनी लोकेशन दे रहा था। नासिर ने सात मार्च को अपने साथी के साथ मिलकर चौधरपुर हाईवे पर इस वारदात को अंजाम दिया था। लेकिन इस घटना में सीनू बाल-बाल बच गई। ससुर कृपाल सिंह ने डिडौली कोतवाली में अज्ञात वाहन के खिलाफ एक्सीडेंट की एफआईआर दर्ज कराई थी। इसके डेढ़ महीने बाद पांच जून की सुबह सीनू की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उसकी मौत का कारण स्पष्ट नहीं हुआ था। सीनू के मायके वालों ने रजबपुर थाने में दहेज हत्या की एफआईआर दर्ज कराई थी। इसमें जेई सुरेंद्र वांछित चल रहा है। लेकिन अब शीलू के पति सुरेंद्र, ससुर कृपाल और देवर सतेंद्र के खिलाफ हत्या के लिए षड्यंत्र रचने की धाराओं में एफआईआर तरमीम कर ली है।
आपरेटर से जेई बनने पर बदल गए थे तेवर
अमरोहा। रजबपुर थाना क्षेत्र के गांव आंबेडकर नगर निवासी सुरेंद्र पुत्र कृपाल सिंह की दो साल पहले सीनू पुत्री पतराम निवासी सिरकोई थाना मझोला जनपद मुरादाबाद के साथ शादी हुई थी। दोनों ने कोर्ट मैरिज की थी। बताया जाता है कि शादी के वक्त सुरेंद्र बिजली विभाग में संविदा पर कंप्यूटर आपरेटर था। बाद में परीक्षा पास कर वह जेई बन गया। इसके बाद सुरेंद्र के तेवर बदल गए। सीनू पर दहेज के लिए दबाव बनाने लगा। कहता था कि मुझे दूसरी जगह दहेज में बीस लाख रुपये नकद मिल रहे थे। जिसे लेकर वह ताने देता था। साथ ही दहेज में बीस लाख रुपये डिमांड करता था। पांच जून की सुबह मायके वालों को सूचना दी कि सीनू की मौत हो गई है। सीनू सात माह की गर्भवती थी। उसका शव घर में चारपाई पर पड़ा मिला था। जबकि ससुराली घर छोड़कर फरार थे। सीनू के भाई मोनू ने पति समेत छह लोगों के खिलाफ दहेज हत्या की रिपोर्ट दर्ज की गई थी।