रजबपुर में किसानों की पंचायत में मौजूद चकबंदी अधिकारी से बात करते भाकियू नेता।
- फोटो : JPNAGAR
रजबपुर(अमरोहा)। किसान समस्याओं को लेकर आयोजित भाकियू टिकैत की पंचायत में पहुंचे बिजली, गन्ना और चकबंदी अधिकारियों को किसानों ने जमकर खरी-खोटी सुनाई। किसानों ने चकबंदी और बिजली अधिकारियों पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। जिसे लेकर कई बार नोकझोंक हुई। किसानों का आक्रोश देख पुलिस प्रशासन में हड़कंप मचा रहा। सुरक्षा के लिए लिहाज से पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। किसानों ने एसडीएम को छह सूत्रीय ज्ञापन सौंप कर जल्दी समस्याओं का समाधान नहीं होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है।
कृषि कानूनों के विरोध में नेशनल हाईवे स्थित जोया टोल प्लाजा पर पिछले 35 दिन से भारतीय किसान यूनियन के राजनीतिक का अनिश्चितकालीन धरना चल रहा है। जिसके चलते पदाधिकारियों ने स्थानीय मुद्दों को लेकर बुधवार को धरना स्थल पर ही जिला स्तरीय पंचायत आयोजित की। यहां बिजली, चकबंदी और गन्ना विभाग के अधिकारियों को बुलाया गया था। मौके पर पहुंचे अधिकारियों को किसानों ने अपने बीच में बैठा लिया और जमकर खरी-खोटी सुनाई। किसानों ने चकबंदी और बिजली अधिकारियों पर किसानों का शोषण करने और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। किसानों ने कहा कि जब सरकारी मिलें गन्ने का पूर्ण भुगतान नहीं कर पाईं तो सरकारी अफसर प्राइवेट गन्ना मिलों से भुगतान का दबाव कैसे बना सकते हैं। इस पर जिला गन्ना अधिकारी ने जल्द की गन्ना भुगतान कराने का आश्वासन दिया। इस दौरान किसान और अधिकारियों के बीच कई बार नोकझोंक की नौबत आ गई। सुरक्षा के लिए पहले मौजूद पुलिस और प्रशासनिक अफसरों पर हस्तक्षेप के बाद मामला शांत हो सका। जिला अध्यक्ष चौधरी रामपाल सिंह ने बताया कि चकबंदी अधिकारी ने पांच जुलाई तक सभी समस्याओं का समाधान करने का आश्वासन दिया है। जबकि बिजली समस्या के संबंध में 10 घंटे नियमित विद्युत सप्लाई मिलने का आश्वासन मिला है। मांग करते हुए कहा कि जिले में नकली दवाओं का भंडार है, जो खेती के काम आता है। लेकिन सरकारी तंत्र इस तरफ ध्यान नहीं दे रहा है। उन्होंने बताया कि आगामी 13 अगस्त को किसान क्रांति यात्रा मुरादाबाद से शुरू होकर अमरोहा में आकर रुकेगी। इसके बाद 14 अगस्त को क्रांति यात्रा के लिए गाजीपुर बॉर्डर के लिए प्रस्थान करेगी।
इस दौरान किसानों ने एसडीम सदर विवेक यादव को ज्ञापन सौंपकर जल्द ही समस्याओं का समाधान कराने की मांग की। चेतावनी देते हुए कहा कि यदि समस्याओं का निराकरण तय समय तक नहीं हुआ तो किसान उग्र आंदोलन करेंगे। इस दौरान प्रदेश महासचिव महावीर सिंह चौहान, उम्मेद सिंह, राकेश गिल, डॉ चंद्रपाल सिंह, धर्मेंद्र चौधरी, चेतन सिंह, भयंकर सिंह, सोमपाल सिंह, देवेंद्र पाल सिंह, जयपाल सिंह, योगेंद्र सिंह, सुधाकर सिंह, सुभाष चीमा आदि मौजूद रहे।