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रोमानिया एयरपोर्ट से अंशिका ने भरी उड़ान, रात पहुंचीं दिल्ली, आज आएंगी घर

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जोया निवासी अंशिका ने बुधवार की शाम रोमानिया एयरपोर्ट से दिल्ली के लिए उड़ान भर दी है। देर रात भर दिल्ली एयरपोर्ट पर पहुंची। बेटी के स्वदेश लौटने पर परिजनों में खुशी का माहौल है। वहीं जावेद अनवर रोमानिया की राजधानी पहुंच गए हैं। यहां से उन्हें जल्दी फ्लाइट मिलने की उम्मीद है। जबकि सलमान खान और अभय पवार दो दिन से रोमानिया एयरपोर्ट के पास शेल्टर हाउस में रुके हुए हैं। उन्हें फ्लाइट मिलने का इंतजार है। वह भी जल्द स्वदेश लौट आएंगे।
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बातचीत के दौरान जोया निवासी अंशिका ने बताया कि उन्हें रोमानिया एयरपोर्ट से बुधवार की शाम छह बजे फ्लाइट मिल गई। वह रात्रि दो बजे के बाद तक दिल्ली एयरपोर्ट पर पहुंच जाएंगी। बेटी के सकुशल स्वदेश लौटने की जानकारी मिलते ही परिजनों में खुशी की लहर दौड़ गई। इस दौरान अंशिका ने फ्लाइट में सवार होने के बाद अपनी तस्वीर शेयर कर खुशी जाहिर की। वहीं डिडौली के कटाई निवासी अभय पवार और नौगांवा सादात के खेड़ा अपरौला निवासी सलमान खान पिछले दो दिन से रोमानिया एयरपोर्ट के पास शेल्टर होम में रुके हुए हैं। दोनों छात्रों ने बताया कि भारतीय दूतावास द्वारा उनके पासपोर्ट नंबर ले लिए गए हैं। जल्द ही फ्लाइट मिल सकती है।
वहीं जोया निवासी जावेद अनवर रोमानिया की राजधानी बुखारेस्ट पहुंच गए हैं। वह यहां से फ्लाइट पकड़ कर स्वदेश लौटेंगे। आवास विकास निवासी मारूफ हसन हंगरी से फ्लाइट पकड़ने की तैयारी में है। जबकि अतरासी निवासी ओवैस चौधरी भी रोमानिया की राजधानी बुखारेस्ट के एयरपोर्ट पर पहुंच गए हैं।
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उन्होंने बताया बुधवार को केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने अपनी कार से उतर कर एयरपोर्ट की तरफ बढ़ते छात्रों से मुलाकात की। उन्होंने छात्रों को हौसला बढ़ाया और बर्फबारी में अधिक कपड़े पहनने के लिए कहा। इस पर छात्रों ने मजाकिया अंदाज में कहा कि उन्हें ठंड नहीं लगती है, भारतीय हैं उनके भीतर जोश भरा है। जवाब में सिंधिया ने भी दिल जीत लेने वाली बात कही। उन्होंने कहा कि आप लोगों को देखकर मुझमें भी जोश भर गया है। आप लोग जल्द ही दिल्ली पहुंचेंगे।
रहनुमा तो अपने वतन वापसी आ गई, लेकिन रिफाकत को वतन वापसी के लिए अभी और इंतजार करना होगा। परिजन उसकी वतन वापसी का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। नगर के मोहल्ला कटरा निवासी शराफत अली का पुत्र रिफाकत विनित्स्या में एमबीबीएस का छात्र है। वह बीते सोमवार को बार्डर पार कर रोमानिया स्थित शिविर पहुंच गया था। रिफाकत के भाई शादाब ने बताया कि भाई से सुबह बात हुई थी। वह रोमानिया में ही है। उसने बताया कि गुरुवार को वतन वापसी के लिए उसका नंबर आ सकता है। लगभग तीन हजार छात्र शिविर में मौजूद हैं। परिजन उसकी सकुशल वतन वापसी के लिए ऊपर वाले से दुआ कर रहे हैं।
चार दिन तक रोमानिया के एक शिविर में शरण लेने वाली रहनुमा सैफी बुधवार की तड़के दिल्ली एयरपोर्ट पर आ गई। रात तक अपने घर पहुच जाएगी। फोन पर रहनुमा ने बताया कि यूक्रेन के हालात बेहद खौफनाक है। रहनुमा सकुशल वतन वापसी के लिए ऊपर वाले का शुक्रिया अदा करती है। उसे भारतीय दूतावास से शिकायत है कि वहां के तनावपूर्ण हालत की जानकारी होते हुए भी भारतीय नागरिकों को निकालने में देरी की है।
क्षेत्र के गांव कमेलपुर निवासी इसरार सैफी की बेटी रहनुमा यूक्रेन की इवानो नेशनल मेडिकल यूनिवर्सिटी में एमबीबीएस द्वितीय वर्ष की छात्रा है। यूक्रेन पर रूसी फौजों के हमले के बाद वहां पढ़ रहे स्टूडेंट भी दहशत में रहने लगे। बीते शनिवार को रहनुमा 15 किलोमीटर तक पैदल चलकर रोमानिया पहुच गई थी। बुधवार की तड़के चार बजे वह आपरेशन गंगा के तहत दिल्ली एयरपोर्ट पर आ गई। एयरपोर्ट से बाहर आते ही उसे लेने पहुंचे अपने चाचा कामिल से लिपट गई। परिजनों को उसकी सकुशल वतन वापसी की खबर मिली तो उनके चेहरों पर चमक आ गई। रहनुमा ने अपनी वतन वापसी के लिए खुदा का शुक्रिया अदा करते हुए कहा कि वहां के हालात की जहन में आते ही सिहरन दौड़ जाती है। उसकी शिकायत है कि इवानो में रहते हुए भारतीय दूतावास ने उनकी कोई मदद नहीं की। उसका कहना है कि जब कई दिनों से रूस द्वारा यूक्रेन पर हमला किए जाने की खबरें आ रही थी। भारतीय दूतावास को उसी समय यूक्रेन छोड़ने की एडवायजरी जारी करनी थी। परिजन भी बेटी की सकुशल वापसी पर बेहद खुश हैं।
रहनुमा सैफी का कहना है कि यूक्रेन के हालात कब सामान्य होंगे। कुछ भी नहीं कहा जा सकता है। लेकिन वहां सब कुछ ठीक रहा तो वह फिर से अपनी पढ़ाई पूरी करने के लिए यूक्रेन जाना चाहेगी। उसने बताया कि यूनिवर्सिटी प्रशासन ने सभी छात्र-छात्राओं को आनलाइन क्लासेज की बात कही है। लेकिन जो हालात टेलीविजन पर दिखाई दे रहे हैं। उससे लगता नहीं कि जल्दी ही आनलाइन क्लास शुरू हो पाएंगी। रहनुमा सैफी का कहना है कि वह खुदा से दुआ कर रही है कि यूक्रेन व रूस के बीच चल रहा युद्ध शीघ्र समाप्त हो और पूरी दुनिया राहत की सांस ले।
आदर्श समाज समिति इंडिया की ओर से ऑनलाइन कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। जिसमें हसनपुर निवासी समिति के पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष वरिष्ठ अधिवक्ता, साहित्यकार एवं कवि मुजाहिद चौधरी ने यूक्रेन में हो रही तबाही पर दुख व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री सहित विदेश मंत्री व रक्षा मंत्री से यूक्रेन में रह रहे भारतीय नागरिकों और छात्रों को सकुशल वापस बुलाने की मांग की। इस दौरान उन्होंने कविता पढ़ते हएु कहा कि
दिल के अंदर शोर उठा है कैसे प्यार करूं। दुनिया में एक जंग मची है कैसे प्यार करूं ।। मौसम जालिम, हमदम
कातिल कैसे प्यार करूं। तन मन में एक आग लगी है कैसे प्यार करूं ।। चारों ओर है ग़म का मंजर,चीख-पुकार है चारों ओर। बम के धमाके दिल दहलाएं कैसे प्यार करूं।। कौन बचा है कौन बचेगा और तारीख लिखेगा कौन। और सजन है घायल मेरा कैसे प्यार करूं ।आज मुजाहिद अपने रब से अमनो अमां का तालिब है। सारा जिस्म हुआ है छलनी कैसे प्यार करूं ।
यूक्रेन में फंसे भारतीय छात्रों को वहां से निकालने के लिए भारत सरकार द्वारा चलाए जा रहे ऑपरेशन गंगा के तहत मदद मिल रही है। रोमानिया, हंगरी, पौलेंड में छात्रों केे ठहराया हुआ है। यहां से फ्लाइट के माध्यम से जल्द ही भारत लाने की तैयारी की जा रही है। जिससे छात्रों के परिजनों ने भी रात की सांस ली है।
सैदनगली निवासी खलीक हैदर का बेटा नवैद हैदर पौलेंड के एयरपोर्ट पर है। वहां से जल्द ही उसे फ्लाइट मिलने की उम्मीद है। छात्र के पिता खलीक हैदर ने बताया कि भारत सरकार द्वारा चलाए जा रहे ऑपरेशन गंगा के तहत छात्रों को मदद मिल रही है। दूरभाष पर हुई वार्ता में नवेद रात में वह पौलेंड एयरपोर्ट से इंडिया के लिए फ्लाइट से आने की बात कह रहा है। सुबह तीन बजे तक इंडिया पहुंचने का अनुमान है। उधर, कालाखेड़ा निवासी शुएब ने बताया कि भाई सरफराज को रोमानिया में एयरपोर्ट एंट्री मिल गई है। वह जल्द ही वहां से इंडिया आ जाएगा। फिलहाल वह बिल्कुल सेफ जोन में है। ऑपरेशन गंगा के तहत मदद मिल रही है। हसनपुर के मोहल्ला होली चौक निवासी पंकज भारद्वाज का बेटा आयुष भारद्वाज रोमानिया में एक शेल्टर हाउस में है। छात्र के पिता ने बताया कि अभी आयुष एवं उसके साथियों को एयरपोर्ट पर एंट्री नहीं मिली है। हसनपुर के मोहल्ला कुरैशिया निवासी सलमान भी स्लोवाकिया के कोसीके में हैं। वहां से फ्लाइट मिलने का इंतजार किया जा रहा है। परिजन एवं रिश्तेदार छात्रों के सकुशल भारत लौटने के लिए दुआएं कर रहे हैं।
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