अमरोहा। चीनी मिल कर्मचारी के टेलीग्राम एप पर निवेश के लिए लिंक भेजकर 12.6 लाख की साइबर ठगी करने वाले गिरोह के एक और सदस्य को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के कब्जे से फर्जी कूटरचित तैयार किए गए तीन आधार कार्ड, पैन कार्ड, चेक बुक, एटीएम कार्ड और मोबाइल फोन सिम कार्ड बरामद हुए हैं।
अब पुलिस को गैंग के सरगना डिडौली के श्योनाली निवासी आकिब की तलाश है, जो दुबई में है। अमरोहा जिले से संचालित साइबर ठगी के गिरोह का नेटवर्क देश के कई राज्यों में चल रहा है। पुलिस ने पकड़े गए आरोपी कांठ निवासी एहतेशाम उर्फ जूबी को कोर्ट में पेशकर जेल भेज दिया है।
मूलरूप से आंध्रप्रदेश के रहने वाले वेंकट राम रेड्डी बछरायूं क्षेत्र के वेव शुगर मिल में तैनात हैं। बीते दो मार्च को उनके टेलीग्राम पर एक अनजान नंबर से लिंक आया था। इस पर उन्होंने क्लिक किया तो उनके बैंक खाते से 12.6 लाख रुपये दूसरे खातों में ट्रांसफर हो गए थे। वेंकट राम रेड्डी ने साइबर थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। साइबर इंस्पेक्टर जितेंद्र बालियान के नेतृत्व में टीम ने जांच की तो जिले से संचालित ठगी करने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश हुआ।
पुलिस ने एक मई को जोया के मोहल्ला मुल्लाना निवासी रेहान को गिरफ्तार किया था। जिसके कब्जे से पांच फर्जी आधार, चार पैन, साइबर ठगी से संबंधित दस्तावेज, चार चेक बुक, एक पासबुक, एक लैपटॉप, तीन बैंक जमा स्लिप, स्वाइप मशीन, तीन मोबाइल फोन और आठ सिम कार्ड बरामद किए थे। इस खाते को रेहान चल रहा था, जिसमें से 12.26 लाख पीड़ित वेंकट राम रेड्डी के खाते में वापस कराए गए।
रेहान श्योनाली गांव के रहने वाले आकिब के लिए काम करता है। गिरोह का सरगना आकिब ही है। जबकि, मुरादाबाद जिले के कांठ थानाक्षेत्र के डेहरा उमरी कलां का रहने वाला एहतेशाम भी गिरोह का सक्रिय सदस्य था। जिसे पुलिस ने बृहस्पतिवार को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। जहां से उसे जेल भेज दिया गया है।