अमरोहा। ऑनलाइन नौकरी दिलाने के नाम पर बेरोजगार युवाओं से लाखों रुपये की साइबर ठगी करने वाले गिरोह के खिलाफ साइबर क्राइम थाना पुलिस को एक और बड़ी सफलता मिली है। प्रतिबिंब पोर्टल पर संदिग्ध मोबाइल नंबरों की जांच के दौरान पुलिस ने लंबे समय से फरार चल रहे गिरोह के सदस्य रोहन यादव को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी मुरादाबाद के लाइनपार थानाक्षेत्र स्थित कुंदन नगर का रहने वाला है। उसके खिलाफ पहले से प्राथमिकी दर्ज थी।
एसपी लखन सिंह ने बताया कि गिरोह प्रतिष्ठित जॉब वेबसाइटों से नौकरी तलाशने वाले युवाओं का डाटा अवैध रूप से हासिल करता था। इसके बाद आरोपी खुद को नामी कंपनियों का अधिकारी या एचआर प्रतिनिधि बताकर अभ्यर्थियों से संपर्क करते थे। रजिस्ट्रेशन, दस्तावेज सत्यापन, ऑफर लेटर और प्रोसेसिंग फीस के नाम पर ऑनलाइन रकम जमा कराई जाती थी। पैसा मिलते ही पीड़ितों के मोबाइल नंबर ब्लॉक कर उनसे संपर्क समाप्त कर दिया जाता था। जांच में मध्य प्रदेश के मैहर निवासी आशुतोष सैन से भी इसी तरह ठगी का मामला सामने आया है। पूछताछ में खुलासा हुआ कि गिरोह का सरगना मुकुल नौकरी तलाशने वालों का डाटा उपलब्ध कराता था।
इसके बाद मोहम्मद फहीम और साहबाज अहमद कॉल कर पीड़ितों को झांसे में लेते थे। विशाल और रोहन यादव विभिन्न एटीएम से ठगी की रकम निकालते थे। गिरोह गरीब लोगों के नाम पर बैंक खाते और सिम कार्ड खुलवाकर उनका इस्तेमाल साइबर अपराध में करता था।
इस मामले में पहले ही मोहम्मद फहीम और विशाल को गिरफ्तार किया जा चुका है। उनके कब्जे से दो लैपटॉप, छह मोबाइल फोन और 32 फर्जी दस्तावेज बरामद हुए थे। गिरोह का सदस्य साहबाज अहमद अभी फरार है, जिसकी तलाश जारी है।