क्षेत्र के गांव ढक्का में मदरसा मिस्बाह उल जफर में सालाना जलसे का आयोजन किया गया। जिसमें महिलाएं भारी संख्या में शामिल हुई। बताया गया कि इस्लाम में महिलाओं को पर्दे रहना बताया गया है। महिलाओं को इस पर अमल करना चाहिए।
बृहस्पतिवार को मौलाना इस्लाम उल हक सीतापुर, हजरत मुफ्ती उस्मान साहब और दीगर उलमा इकराम ने परदे और हालाते हाजिरा के मुतल्लिक खिताब किया और उनको पर्दे में रहने की सलाह दी। जलसे की निजामत मदरसे के नायब मोहतमिम हजरत मुफ्ती मोहम्मद जुल्फिकार ने की। मौलाना सईद ,मौलाना इफ्तिखार, मौलाना सज्जाद आदि उलमाए इकराम ने अपने बयानात पेश किए। कहा कि अपने बच्चों को बेहतर तालीम दिलाएं। दीनी तालीम के साथ-साथ दुनियावी तालीम भी बहुत जरूरी है। बच्चों पर ध्यान रखें। वह बुरी संगत में तो नहीं जा रहे। घर में महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। वह अपने बच्चों एवं अपने शोहर का ध्यान रखें कि वह नशे की लत में तो नहीं जा रहे। इससे बचना चाहिए। यह इस्लाम में हराम है। अल्लाह ने कुरआन के अंदर नशे को हराम करार दिया है।