आदमपुर गांव में बुजुर्ग किसान होरीलाल खड़गवंशी का परिवार रहता है। उनके चार बच्चे हैं। दो बेटे और दो बेटी। सभी की शादी हो चुकी है। होरीलाल कई माह से अस्थमा से पीडि़त थे। उन्हें शुगर की भी बीमारी थी। उनका दिल्ली के एम्स से इलाज चल रहा था। उधर, पति के बीमार रहने की वजह से पत्नी गंगादेई का स्वास्थ्य भी ठीक नहीं रहता था।
बुधवार दोपहर करीब दो बजे गंगादेई (63) का घर पर ही निधन हो गया। दिल्ली स्थित एम्स में भर्ती होरीलाल खड़गवंशी को पत्नी की मौत के करीब दो घंटे पहले दोपहर 12 बजे की ही छुट्टी मिली थी और वह घर आ रहे थे। होरीलाल अपने घर आदमपुर पहुंचे और तो उन्होंने पत्नी गंगादेई का शव चारपाई पर पड़ा देखा। वह यह सदमा सह नहीं सके। शाम करीब छह बजे उन्होंने भी दम तोड़ दिया। कुछ ही घंटों में पति-पत्नी की मौत होने से परिजन गम से बेहाल हो गए। रोते-बिलखते परिजनों ने परिजनों ने बुजुर्ग दंपती के शवों को अंतिम संस्कार कर दिया है। दोनों की एक साथ अर्थी सजाई गई और गंगाघाट पर ले जाकर एक साथ अंतिम संस्कार कर दिया गया।
परिजनों ने कही यह बात
होरीलाल खड़गवंशी के बड़े बेटे का नाम रामपाल व छोटे का नाम सुरेश कुमार है। रामपाल ने बताया कि इतने कम अंतराल में माता पिता का दुनिया से चले जाने का दुख पीड़ा दायक है। उनका कहना है ऐसी मौत पहले कभी नहीं देखी गई। पति-पत्नी मौत एक साथ देखकर ऐसा लगता है दोनों में बहुत प्रेम था। इसे ही सच्चा प्रेम कहते हैं।