अमरोहा निवासी चंचल का मुरादाबाद के ट्रक चालक अनस से जान पहचान थी। साइबर ठग ने असन के व्हाट्सएप नंबर का क्लोन बनाकर चंचल को मैसेज भेज तीस हजार रुपये मांगे। चंचल ने बताए नंबर पर पैसे भेज दिए। जब फोन पर बात की तो ठगी का पता चला।
अमरोहा में साइबर ठग अलग-अलग तरीके अपनाकर लोगों को ठगी का शिकार बना रहे हैं। अब मुरादाबाद के ट्रक चालक के मोबाइल नंबर से क्लोन व्हाट्सएप बनाकर उसके अमरोहा निवासी परिचित से 30 हजार रुपये अपने खाते में ट्रांसफर करा लिए। हकीकत का पता चला तो पीड़ित के होश उड़ गए। कोतवाली में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है।
जलाल नगर मोहल्ला निवासी कमरुद्दीन सेवानिवृत्त शिक्षक हैं। बीते साल नवंबर में उन्होंने कृषि विभाग से अनुदान पर मिल रहे रूटावेटर व गेहूं बोने की मशीन के लिए आवेदन किया। उनको बताया गया कि कृषि यंत्र पर 50 प्रतिशत की छूट मिलेगी। सात जनवरी को उनके फोन पर कॉल आई।
फोन करने वाले ने खुद को कृषि विभाग लखनऊ कार्यालय का बाबू बताया। कहा कि वह तीन बाबू हैं। तीनों की वजह से ही सेवानिवृत्त शिक्षक कमरुद्दीन व उनकी पत्नी हसमु बेगम का आवेदन स्वीकार किया गया है। जल्द ही उनको रूटावेटर व गेहूं बोने की मशीन मिलेगी, लेकिन इसके लिए तीनों बाबुओं को दावत चाहिए।
दावत में क्या चाहिए पूछने पर चार हजार रुपये की मांग रखी। बाद में शिक्षक तीन हजार रुपये देने के लिए तैयार हो गए। उन्होंने साइबर कैफे पर जाकर तीन हजार रुपये उनके बताए मोबाइल पर भेज दिए। बाद में उन्हें ठगी का एहसास हुआ। वह बुधवार की सुबह थाने पहुंचे और पुलिस को घटना की तहरीर दी।