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अमरोहा में बुखार का कहर: अस्पताल में बेड खाली न होने पर मरीजों को बैठाकर लगा रहे ड्रिप, स्वास्थ्य विभाग लाचार

Thu, 05 Oct 2023 07:27 AM IST
विमल शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, अमरोहा

सार

सीएमएस डॉ. प्रेमापंत त्रिपाठी का कहना है कि तीन दिनों में अचानक से बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ी है। बेड कम हैं और मरीज अधिक हो गए हैं। अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों को इलाज दिए जाने का प्रयास किया जा रहा है।
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अमरोहा के जिला अस्पताल का नजारा - फोटो : संवाद
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विस्तार
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स्वास्थ्य विभाग चाहे जो दावे करे लेकिन जानलेवा बुखार बेकाबू होता जा रहा है। एक तरफ लोग बुखार से दम तोड़ रहे हैं तो दूसरी ओर स्वास्थ्य सेवाएं नाकाफी साबित हो रही है। तीन दिनों से जुगाड़ के सहारे मरीजों को इलाज किया जा रहा है। बुधवार को जिला अस्पताल में स्थिति बेहद चौकाने वाली थीं। यहां एक-एक बेंच पर चार-चार मरीजों को बैठाकर ड्रिप लगाई गई।

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जिसके बाद उन्हें घर भेज दिया गया। ऐसे में मरीज इलाज कराने के लिए इंतजार करते रहे। वहीं, इमरजेंसी और जनरल वार्ड पहले से ही फुल हैं। इसे देखते हुए स्वास्थ्य विभाग की सभी व्यवस्थाएं खोखली साबित हो रही हैं। अक्तूबर माह का पहला सप्ताह चल रहा है और मौसम में भी बदलाव होने लगा है।

लेकिन बुखार का प्रकोप कम नहीं हो रहा है। हर दिन मरीजों की संख्या में इजाफा होने से स्वास्थ्य महकमे के दावे भी फेल होने लगे हैं। जिला अस्पताल के जनरल व इमरजेंसी वार्ड दो दिनों से फुल चल रहे हैं। यही नहीं एक बेड पर दो-दो मरीजों को इलाज किया जा रहा है।
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मंगलवार के बाद बुधवार भी बड़ी संख्या में मरीज अस्पताल पहुंचे। दोनों वार्डों में 71 मरीज भर्ती रहे। इसके अलावा अन्य जो मरीज जिला अस्पताल में पहुंच रहे हैं, उनका जुगाड़ के जरिए इलाज किया जा रहा है। दोपहर के समय आलम यह था कि एक-एक बैंच पर चार-चार मरीजों को बैठाकर ड्रिप लगाई जा रही थी।

तीन घंटे से अधिक समय तक बैठकर ड्रिप लगवाना मरीजों के लिए मुश्किल भरा रहा। कहा जाए तो स्वास्थ्य विभाग अभी भी मरीजों को सुविधाएं देने के लिए कोई ठोस इंतजाम नहीं कर पा रहा है। हर दिन बुखार से किसी ने किसी मौत हो रही है।

सीएमएस डॉ. प्रेमापंत त्रिपाठी का कहना है कि तीन दिनों में अचानक से बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ी है। बेड कम हैं और मरीज अधिक हो गए हैं। अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों को इलाज दिए जाने का प्रयास किया जा रहा है। जो मरीज ठीक हो रहे हैं, उन्हें डिस्चार्ज करते हुए दूसरे को तत्काल भर्ती किया जा रहा है।

दवाई देकर ही लौटाए जा रहे मरीज

देखा जा रहा है कि जिला अस्पताल बुखार के मरीजों से फुल है। लेकिन विभाग के पास उन्हें समुचित इलाज देने की व्यवस्था नहीं है। तीनों दिनों में मरीजों की संख्या में भारी इजाफा हुआ है।

जिसके चलते या तो मरीजों को दवाई देकर लौटा दिया जा रहा है या फिर ड्रिप लगाकर कुछ घंटे बाद डिस्चार्ज कर दिया जाता है। बुधवार को जिला अस्पताल में 2049 मरीजों की ओपीडी हुई। जिसमें 138 बुखार के मरीज निकले। अधिकांश को दवाई देकर घर भेज दिया गया।

डेंगू के दस नए मरीज मिले

बुखार के साथ डेंगू भी खूब पैर पसार रहा है। जिला अस्पताल में 30 डेंगू आशंकित मरीज पहुंचे। उनका रेपिड टेस्ट कराया गया। जिसमें दस मरीज डेंगू पॉजिटिव निकले। इसके साथ ही जिले में डेंगू मरीजों की संख्या 105 पहुंच गई है। उधर, जिला अस्पताल में बुधवार को डेंगू वार्ड में सात मरीजों का इलाज चल रहा था।

बुखार से हाईस्कूल की छात्रा की मौत

क्षेत्र में जानलेवा बुखार का प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा है। लगातार दूसरे दिन एक और जान को बुखार ने लील लिया है। क्षेत्र के गांव मटैना में लेखराज की पंद्रह वर्षीय बेटी कविता को पिछले तीन दिन से बुखार आ रहा था। परिजनों ने पास के ही निजी चिकित्सक से उपचार करवाया।

हालत में कोई सुधार नहीं हो सका। लगातार उसकी हालत खराब होती चली गई। प्लेटलेट्स कम हो गईं। मंगलवार की की देररात छात्रा की मौत हो गई। वह कक्षा दस में पढ़ती थी। छात्रा की मौत की सूचना से परिजनों में शोक की लहर दौड़ गई है। मृतका पांच भाई बहनों में तीसरे नंबर की थी।

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