अमरोहा। नगर पालिका एक बार फिर जीआईएस सर्वे कराने की तैयारी में हैं। पुरानी और नई आबादी समेत 50 हजार घरों का जीआईएस सर्वे कराकर गृहकर लगाया जाएगा। अफसरों के मुताबिक जीआईएस सर्वे में कोई भी जालसाजी नहीं हो सकती है। इसमें जितना मकान का दायरा होगा उतना ही रिकार्ड में आएगा। इसके बाद क्षेत्र के भवनों से कर वसूली बढ़ेगी।
नगर क्षेत्र में करीब 50 हजार आवासीय संपत्तियां हैं। पिछले दिनों नगर पालिका ने टैक्स बढ़ाया था। अभी तक 24 मीटर चौड़े मार्ग पर स्थिति आरसीसी छत समेत पक्के भवन पर अधिकतम दो रुपये प्रति वर्ग फुट के हिसाब से टैक्स लिया जाता था जबकि कच्चे छत वाले भवन पर अधिकतम एक रुपये प्रतिवर्ग फीट के हिसाब से टैक्स निर्धारित था। हालांकि नई दरों के अनुसार 24 मीटर चौड़े मार्ग पर आरसीसी भवन पर टैक्स दो रुपये प्रतिवर्ग फीट से बढ़ाकर 2.60 रुपये, कच्चे भवन पर एक रुपये से बढ़ाकर अधिकतम 2.10 रुपये तक और न्यूनतम 1.50 रुपये प्रतिवर्ग फीट कर दिया है।
ऐसे ही 12 से 24 मीटर तक वाले रास्तों पर मौजूद आरसीसी छत समेत पक्के भवन और प्रतिष्ठानों पर डेढ़ रुपये से लेकर सवा दो रुपये तक निर्धारित किया है। वहीं, कच्चे मकान पर एक रुपये वर्ग फुट से लेकर 1.60 रुपये तक कर दिया गया है। वैसे ही नौ मीटर तक चौड़े मार्ग पर अभी तक आरसीसी पक्की छत वाले भवन पर 1.25 रुपये प्रति वर्ग फीट और कच्चे भवन पर न्यूनतम 60 रुपये प्रति वर्ग फीट के हिसाब से टैक्स दरें तय की गई हैं।
इसके अलावा नगर पालिका भी नई व्यवस्था बनाने में जुट गई है। नई योजना के मुताबिक ऑनलाइन मोड पर सभी सुविधाएं शुरू हो जाएंगी। लोग अपने मोबाइल पर बिजली बिल की तरह गृह व जलकर जमा कर सकेंगे, किसी को आफिस जाकर चक्कर लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। लोग घरों से ही गूगल पे या फोन पे के माध्यम से ही जल-गृहकर जमा कर सकेंगे।
- सीमा विस्तार के बाद नगर पालिका में 45 गांव जुड़ गए हैं जबकि बड़ी संख्या में नई आबादी बसी है। पिछले दिनों नगर पालिका की ओर से टैक्स बढ़ाया गया है। शहर में ओवरऑल 50 हजार संपत्तियां हैं। इन संपत्तियों का जीआईएस सर्वे कराया जाएगा। इस सैटेलाइट सर्वे से संपत्तियों का सटीक सर्वे हो सकेगा। जिसके आधार पर लोगों पर टैक्स तय किया जाएगा।। इस सर्वे के बाद कोई भी आरोप-प्रत्यारोप नहीं लग सकेगा। - डॉ. बृजेश सिंह, ईओ अमरोहा नगर पालिका