उर्दू अदब के प्रख्यात विद्वान मौलाना डॉ. शफीक हुसैन शफक लखनवी ने कहा कि अमरोहा अदब की एक अजीम बस्ती है। यहां के फनकारों ने शिक्षा, साहित्य और कला समेत हर क्षेत्र में शहर का नाम रोशन किया है।
मोहल्ला बगला में स्थित दीवान खाना खलील मुज्तबा में अधिवक्ता सैय्यद मुज्तबा की ओर से आयोजित स्वागत समारोह में मौलाना डॉ. अहसन अख्तर सरोश ने मौलाना शफक को अपनी त्रिमासिक पत्रिका सलूनी और फूलों का गुलदस्ता पेश किया। मौलाना शफीक हसन शफक ने कहा कि किताबें इंसान का बेहतरीन साथी होती है। किताबों को पढ़ने का महत्व उन तरीकों से प्रतिबिंबित हो सकता है जो हमारे आत्म-विकास और समग्र विकास को पूरा करता है। यह न केवल हमारी सबसे अच्छी दोस्त हैं बल्कि यह आपकी कल्पना को भी रोशन करती हैं।
कहा कि अमरोहा के फनकारों ने गजल की दुनिया, उर्दू मर्सिया, चित्रकारी, शिक्षा, मेडिकल समेत हर क्षेत्र में अपने इस शहर को शोहरत की बुलंदियों तक पहुंचा दिया है। इस दौरान सैय्यद खलील मुज्तबा, मौलाना कौसर मुज्तबा, अली इमाम नौगांवी, सैय्यद मुज्तबा एडवोकेट, हुसैन हैदर हुसैनी, सैय्यद इमदाद आबिदी, आदि मौजूद रहे।