अमरोहा के चर्चित राहुल हत्याकांड के हत्यारोपी को नाबालिग दर्शाने के लिए पिता ने खेल रच दिया। बेटे की कम उम्र कम दर्शाने के लिए फर्जी टीसी न्यायाल में दाखिल कर दी। लेकिन स्कूल के प्रधानाचार्य टीसी को फर्जी बताकर धोखाधड़ी से पर्दा उठा दिया। अब हत्यारोपी के पिता के खिलाफ कूट रचित दस्तावेज तैयार कर धोखाधड़ी करने के आरोप में एफआईआर दर्ज कराई गई है। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।
यह मामला गजरौला थानाक्षेत्र के मोहल्ला अतरपुर का है। यहां पर कर्मवीर सिंह का परिवार रहता है। सितंबर 2019 को कर्मवीर सिंह के छह साल का बेटा राहुल अचानक लापता हो गया था। पुलिस ने शक के आधार पर पड़ोस में परचून की दुकान चलाने वाले विशाल को पकड़ कर पूछताछ की थी। जिसके बाद राहुल की निशानदेही पर उसके घर के आंगन में गड्ढे से राहुल का शव बरामद हुआ था।
राहुल की पेचकस से गोद कर हत्या की गई थी। इस दौरान काफी बवाल हुआ था। पुलिस के साथ भी अभद्रता की गई थी। इस मामले में पुलिस ने विशाल को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। तभी से हत्यारोपी विशाल जेल में बंद है। यह मुकदमा न्यायाल में विचाराधीन चल रहा है। लेकिन इस बीच पिता ने हत्यारोपी बेटे को नाबालिग दर्शाने के लिए बड़ा कारनामा कर डाला।
आरोप है कि हत्यारोपी विशाल के पिता सुनील कुमार ने नगर के ही स्कूल सरस्वती विद्या मंदिर की फर्जी टीसी न्यायालय में प्रस्तुत कर दी थी। लेकिन मृतक के पिता कर्मवीर ने इसे चुनौती दी और स्कूल प्रधानाचार्य के बयान न्यायालय में दर्ज कराने की मांग की।
इस मामले में पांच अप्रैल को प्रधानाचार्य ने न्यायालय में बयान दर्ज कराए और अधिवक्ता के माध्यम से लिखित पत्र प्रस्तुत किया। जिसमें उन्होंने टीसी को फर्जी बताते हुए विद्यालय की होने से इंकार कर दिया। जिससे साफ कि पिता ने हत्यारोपित बेटे को नाबालिग दर्शाने के लिए फर्जी टीसी को न्यायालय में दाखिल किया है। इसके बाद मृतक राहुल के पिता कर्मवीर ने हत्यारोपी के पिता सुनील कुमार के खिलाफ देहात थाने में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की।
सीओ सिटी विजय कुमार राणा ने बताया कि मामले में सुनील कुमार के खिलाफ कूट रचित दस्तावेज तैयार करने और धोखाधड़ी संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। मामले की जांच की जा रही है।