गजरौला में भाकियू शंकर गुट के धरने के बीच बिजली विभाग सहित अन्य विभागों के अफसरों के नहीं पहुंचने पर आक्रोशित किसानों ने ब्रजघाट तक पैदल कूच करने का ऐलान कर पुलिस-प्रशासनिक अफसरों को सांसत में डाल दिया। अफसर मौके पर दौड़ पड़े। किसी तरह समझाया कि ब्रजघाट तक पैदल कूच न करें।
इस मौके स्वामी हर मनोज दास, सतपाल सिंह, धर्मवीर सिंह, वीरपाल सिंह, रीना रानी, दिनेश कुमार अग्रवाल, प्रमोद नागर, कुंवरपाल राणा, ओमवीर सिंह, धर्मवीर सिंह, महिपाल सिंह आदि मौजूद रहे।
भाकियू शंकर गुट के किसान नारेबाजी करते हुए हाईवे की सर्विस रोड पर पहुंच गए। मुरादाबाद से दिल्ली जाने वाले वाहनों की सर्विस रोड पर पैदल चलते-चलते सीओ ऑफिस से आगे निकल गए। हसनपुर की तरफ से दिल्ली जाने वाले वाहनों को रोक दिया गया।
यहां पर मुस्तैद पुलिसकर्मियों ने वाहनों को रोक कर दूसरे मार्ग से निकाला। इस कारण जाम की स्थिति बनी रही। ओवरब्रिज के ऊपर से गुजर कर दिल्ली जाने वाली रोडवेज बसों को भी रोक कर दूसरे मार्ग से गुजारा गया। पुलिस और प्रशासनिक अफसरों को यह आशंका थी कि किसानों ने जाम लगा दिया तो बड़ी परेशानी सामने आ सकती है।
रजबपुर में मांगों को लेकर भाकियू असली ने बृहस्पतिवार दोपहर तीन बजे रजबपुर चौकी के सामने नेशनल हाईवे पर जाम लगा दिया। उनकी मांग की बिजली कटौती, छुट्टा पशुओं को लेकर आक्रोश जताया। करीब 10 से 15 मिनट तक हाईवे पर जाम लगाकर प्रदर्शन किया।
इस दौरान हाईवे की दोनों लेन पर वाहनों के पहिए थम गए। बाद में पुलिस ने मौके पर पहुंचकर किसानों से वार्ता करते हुए उन्हें समझाया। उसके बाद किसानों वहां से हट गए। जिसके बाद पुलिस ने यातायात सुचारु कराया।