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अमरोहा : शाम को दशहरा मनाया, रात में फंदा लगाकर दंपति ने दी जान

Sat, 04 Oct 2025 02:50 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
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आदमपुर (अमरोहा)। गांव सूबरा में विजय सिंह (35) व उनकी पत्नी भूरी (32) के शव शुक्रवार सुबह कमरे में फंदे पर लटकते मिले। पुलिस के पहुंचने से पहले ही दोनों के शवों को परिजनों ने फंदे से उतार लिया। विजय की जेब से दो पेज का सुसाइड नोट मिला है। इसमें उन्होंने आत्मघाती कदम के लिए डॉक्टर का रूपेश नामक व्यक्ति को जिम्मेदार बताया है। हालांकि यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि डॉक्टर या रूपेश कौन है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में फंदे से लटकने से ही मौत की वजह सामने आई है। पुलिस मामले की पड़ताल कर रही है। फॉरेसिंक एक्सपर्ट की टीम ने भी जांच की है।
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आदमपुर थानाक्षेत्र के गांव सूबरा निवासी विजय सिंह मजदूरी और खेती करते थे। बृहस्पतिवार को उन्होंने परिवार के साथ खुशी-खुशी विजयदशमी का त्योहार मनाया था। रात में खाना खाने के बाद विजय और उनकी पत्नी भूरी दोनों कमरे में सो गए जबकि तीन बच्चे छत पर सो रहे थे। शुक्रवार सुबह बड़ा बेटा आदेश (11) छत से उतरकर नीचे पहुंचा तो कमरे में माता-पिता के शव फंदे से लटके देखे। इसके बाद आदेश गांव में ही रहने वाले चाचा संजीव को बुलाकर लाया।
संजीव ने बताया कि दोनों के शव फंदे से लटके थे। भूरी का शव खूंटी से दीवार के सहारे दुपट्टे से लटक रहा था और विजय का शव छत के कुंदे में साड़ी के फंदे के सहारे लटका था। परिजनों ने पुलिस के पहुंचने से पहले ही दोनों शवों को फंदे से उतार लिया। सूचना मिलते ही ग्रामीण जमा हो गए। पुलिस भी घटनास्थल पर पहुंच गई।
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परिजन रंजिश या विवाद से कर रहे इन्कार
सीओ दीप कुमार पंत ने घटनास्थल का मुआयना किया। परिजनों ने इसे आत्महत्या मानते हुए किसी भी तरह की कार्रवाई और पोस्टमार्टम कराने से मना कर दिया। पुलिस ने परिजनों को समझाया और शव पोस्टमार्टम के लिए भिजवाए। परिजनों ने किसी भी तरह की रंजिश और घर में कोई भी विवाद होने की बात से इन्कार किया है। सीओ ने बताया कि पति और पत्नी ने आत्महत्या की है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर ही कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उधर, दूसरी तरफ दंपती की मौत के बाद घर में अब बड़े बेटे आदेश के अलावा बेटी बबली (9) और बेटा देवेंद्र (4) ही रह गए हैं।
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मेरा घर डॉक्टर के लड़के ने बिगाड़ा
हसनपुर/आदमपुर। गांव सूबरा में घर पर ही फंदे से लटके मिले दंपती के शव ने कई अनसुलझे सवाल खड़े कर दिए हैं। शुक्रवार सुबह विजय और उनकी पत्नी भूरी का शव घर पर ही फंदे से लटके मिले जिससे पूरा गांव स्तब्ध है। शुरुआती तौर पर परिजन आत्महत्या मान रहे हैं लेकिन दंपती ने यह आत्मघाती कदम क्यों उठाया, इसका कारण अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाया है। हालांकि, पुलिस कई पहलुओं पर जांच कर रही है।
उधर, पोस्टमार्टम के दौरान मृतक विजय की जेब से दो पेज का सुसाइड नोट मिला है। इसमें उसने किसी डॉक्टर के रूपेश को खुद के व पत्नी के आत्मघाती कदम उठाने के लिए जिम्मेदार ठहराया है। इसमें उन्होंने पत्नी पर भी संदेह जताया है। विजय ने सुसाइड नोट में लिखा है कि मेरे घर में किसी तरह की कोई लड़ाई नहीं थी, मेरा घर डॉक्टर के लड़के ने ही बिगाड़ा है। इस बारे में मैंने अपने चाचा व भाई को बताया था लेकिन किसी ने विश्वास नहीं किया।
सुसाइड नोट में लिखा - किसी ने नहीं किया मेरी बात का यकीन
- पुलिस को मृतक विजय की जेब से दो पेज का सुसाइड नोट मिला है। इसमें लिखा है कि मेरा घर डॉक्टर के लड़के ने बिगड़ा है। घर में और कोई लड़ाई नहीं थी। बृहस्पतिवार के दिन मैंने चाचा से कहा था। भाई ने भी मेरा विश्वास नहीं किया। रूपेश के चक्कर में ही घर में लड़ाई होती थी। यह बदनाम मुझे करती थी लेकिन किसी ने मेरी बात का विश्वास नहीं किया। मेरे आत्मघाती कदम उठाने का जिम्मेदार रूपेश है और कोई नहीं।
- मेरे व पत्नी के आत्मघाती कदम उठाने का जिम्मेदार डॉक्टर का रूपेश बहुत तेज है। वह मुझे मरवाना चाहती थी पर कोई मानने को तैयार नहीं था। और किसी का कोई कसूर नहीं सिर्फ डॉक्टर के रूपेश के ऊपर ही लड़ाई थी तीन बार ससुराल भेज दी, पर न मानी। और कोई लड़ाई नहीं थी लेकिन मेरी बात का यकीन नहीं कर रहा था। मैंने कहा था तू मान जा रिश्ता गलत है। जिस दिन आंखों से देख लूंगा तो कुछ न कहने का, पर तुझे साथ लेकर मर जाऊंगा। 22 दिन में मैंने 13 रोटी खाई। 88 मंडल पीए। एक घंटा भी नहीं सोया।

दो साल पहले भी विजयदशमी पर दपंती की कमरे भी हुई थी रहस्यमयी मौत

हसनपुर। दो साल पहले भी विजयदशमी पर के त्योहार पर दपंती की रहस्यमयी मौत हो गई थी। अब दो साल बाद फिर दंपती की रहस्यमयी मौत का मामला सामने आया है। पहले ही दपंती की मौत के राज से पर्दा नहीं उठ पाया है। 24 अक्तूबर 2023 को भी विजयदशमी का त्योहार था। गांव रूखालू के अंदर शादी के तीन महीने बाद ही मजदूर मिंटू और उसकी पत्नी हजरून की संदिग्ध हालत में मौत हो गई थी। दोनों के शव घर के कमरे में चारपाई पर पड़े थे। हालांकि, मामले में आजतक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। इसके ठीक दो साल बाद दो अक्टूबर 2025 को विजयदशमी के त्योहार पर आदमपुर के गांव सूबरा में दपंती विजय और भूरी की मौत हो गई। दोनों के शव फंदे पर लटके मिले हैं।

गले नहीं उतर रही आत्महत्या की कहानी
आदमपुर। गांव सूबरा में दंपती की मौत के बाद परिजनों द्वारा इसे आत्महत्या ही माना जा रहा है लेकिन आत्महत्या की बात ग्रामीणों के गले नहीं उतर रही है। जिस कमरे में दोनों के शव लटके मिले। उस कमरे में करीब 12 फीट की ऊंचाई पर छत के कुंदे में फंदे से विजय का शव लटक रहा था जबकि कमरे में ऐसी कोई वस्तु, जैसे सीड़ी, स्टूल या मेज आदि नहीं था जिस पर खड़े होकर ऊपर फंदा बनाया जा सकता था।
ग्रामीणों में चर्चा : दपंती के बीच अक्सर रहता था विवाद
गांव सूबरा में हुई दपंती की मौत के बाद परिजन या मृतक दपंती के बच्चे तो कुछ भी स्पष्ट रूप से विवाद के बारे में नहीं बता पा रहे हैं लेकिन ग्रामीणों में चर्चा है कि विजय पत्नी भूरी को काम करने के लिए बाहर ले जाना चाहता था लेकिन भूरी बाहर काम करने जाने के लिए मना करती थी। इसी बात पर नाराज होकर भूरी कुछ दिन पूर्व मायके चली गई थी। वह मायके में रुकी हुई थी और करीब सात दिन पहले ही वह मायके से घर आई थी। ग्रामीणों का कहना है कि बृहस्पतिवार की रात को भी पति पत्नी के बीच किसी बात पर विवाद हुआ था। हालांकि, मृतक विजय के भाई संजीव ने पति पत्नी के बाद हुए किसी भी तरह की विवाद की जानकारी से इंकार किया है।
धान काटकर घर लौटे थे दंपती

विजयदशमी के त्योहार पर गांव सूबरा में हुई दपंती मौत से पहले दोनों पति पत्नी धान काटकर घर लौटे थे। विजय पर एक बीघा जमीन है जिस पर उन्होंने धान की फसल लगा रखी है। इस समय धाम की कटाई चल रही है। बृहस्पतिवार को विजय और की पत्नी ने धान की फसल की कटाई की थी।

तीन बच्चों के सिर से उठाया माता पिता का साया
गांव सूबरा में दंपती की मौत के बाद उनके तीन बच्चों के सिर से माता पिता का साया उठ गया है। अब उनकी देखभाल कौन करेगा। यह अभी तय नहीं हुआ है। विजय के माता-पिता की पहले ही मौत हो चुकी है। विजय अपनी पत्नी भूरी और तीन बच्चों के साथ छोटे से घर में रहता था। घर में नल लगाने की भी जगह नहीं थी। नल छत पर लगा हुआ है। बृहस्पतिवार रात को बड़ा बेटा आदेश (11), बेटी बबली (9), छोटा बेटा देवेंद्र (4) घर की छत पर सो रहे थे। बच्चे रातभर गहरी नींद में सोते रहे और और नीचे कमरे में उनके माता-पिता की रहस्यमयी मौत हो गई। विधायक पुत्र देवेंद्र खड़गवंशी और ब्लॉक प्रमुख गंगेश्वरी राजेंद्र खड़गवंशी ने गांव पहुंचकर परिजनों को सांत्वना दी।
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