एक से बढ़कर एक डिजाइनदार हथकरघा उत्पाद से विदेशों में अमरोहा के हैंडलूम की धूम मची है। स्पेन, फ्रांस, इटली और पुर्तगाल जैसे देशों में घर-घर फ्लोर पर अमरोहवी गलीचा सजा हुआ है। अमरोहा के बुनकरों का हुनर वहां खूब पसंद किया जा रहा है। रंग-बिरंगे यह गलीचे फ्लोर की शान बढ़ा रहे हैं। गलीचों के निर्यात की वजह से नौगावां सादात क्षेत्र का छोटा सा मखदूमपुर गांव विश्व पटल पर छा रहा है।
अमरोहा के नौगावां सादात क्षेत्र में छोटा सा गांव है मखदूमपुर। इस गांव के एक अहाता में तमाम बुनकर खड्डी पर सूत से गलीचा बनाते मिलते हैं। अहाते में तागे से गलीचे की बुनाई से लेकर उसमें रेशे बनाने से लेकर डिजाइन, फिर उसकी कटिंग, फिनिशिंग करके आकर्षक तरीके से पैकिंग भी की जाती है।
सैकड़ों हथकरघा कारीगर इस छोटे से गांव में कॉटन, पोलिस्टर और रेशम के कपड़े को अपनी कला से संवारकर खूबसूरत गलीचा तैयार कर देते हैं। अमरोहवी कारीगरों की इसी कलाकारी के विदेशी कायल हो चुके हैं। स्पेन, फ्रांस, इटली और पुर्तगाल के लोगों को यह गलीचा बेहद पसंद आ रहा है। सात समुंदर पार फ्लोर कवरिंग के नाम से और बाथ मैट के नाम से खरीदा जा रहा है। दिन-रात काम पसीना बहाने वाले बुनकरों को इससे बहुत संतुष्टि है कि कई देश उनके हाथ से तैयार फ्लोर कवरिंग और बाथ मैथ को पसंद कर रहे हैं।
पानीपत से आता है कच्चा माल
बाथ मैट और फ्लोर कवरिंग (गलीचा) तैयार करने का कच्चा माल, कॉटन, पोलिस्टर और रेशमी धागा पानीपत से मंगाया जाता है। जिसे कॉटन चिलान, पोलिस्टर रग भी कहते हैं। कारीगर सभी अमरोहा के ही हैं, जोकि खड्डी चलने की एक मधुर आवाज के बीच अपना हुनर दिखाते रहते हैं।
अमेरिका भी खरीदारी को तैयार
अमरोहा में बने फ्लोर कवरिंग, बाथ मैट खरीदने के लिए स्पेन, फ्रांस, इटली और पुर्तगाल के बाद अमेरिका भी खरीदने को तैयार हो गया है। टैक्सटाइल डिजाइनर मोहम्मद जावेद अख्तर कहते हैं कि हमारी बात हुई है। अमेरिका के कारोबारी पहले अमरोहा आकर हमारी खड्डी (बुनाई की मशीनें) देखना चाहते हैं। इसके लिए आधुनिक कारखाना तैयार कराया जा रहा है। इसके बाद अमेरिका से कारोबारी यहां आएंगे। मौजूदा कारखाना शायद उन्हें पसंद नहीं आए। इसकी वजह से नया कारखाना बनाने की प्रक्रिया चल रही है।
निर्यात में प्रदेश सरकार की भी मदद
अमरोहा में तैयार गलीचों को निर्यात करने में प्रदेश सरकार की भी मदद मिल रही है। कच्चा माल खरीदने में सब्सिडी के कारण ही मुनाफा हो रहा है। नहीं तो महंगाई के दौर में कोई फायदा नहीं है। मोहम्मद जावेद अख्तर कहते हैं कि फ्लोर कवरिंग की कीमत 500 रुपये स्क्वायर मीटर पड़ती है। जिन देशों के लिए माल जाता है, वहां पैकिंग पर खास ध्यान दिया जाता है। एक-एक आइटम के लिए कंप्यूटराइज्ड बारकोड तैयार करके पैक किया जाता है।
पुरस्कार दे चुकी है राज्य सरकार
हैंडलूम उत्पादों का निर्यात करने में प्रदेश सरकार अनीस अंसारी को पुरस्कार भी दे चुकी है। पिछले दिनों दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में निर्यात मंत्री की ओर से उन्हें बुलाया गया और प्रमाण-पत्र और ट्राफी प्रदान की गई थी।
यह हमारा पैतृक काम है। स्पेन, पुर्तगाल, फ्रांस और इटली के बाजारों में हम अपने बेटों के साथ जाकर अपना माल दिखाते हैं, इसके बाद हमें खूब आर्डर मिलते हैं। कुछ महीने पहले ही पुर्तगाल से लौटकर आए हैं। स्पेन, फ्रांस और इटली में भी हमारे यहां के फ्लोर कवरिंग, बाथ मैट की डिमांड है। बाथरूम के बाहर इन्हें डाला जाता है और फ्लोर को कवर किया जाता है। -अनीस अख्तर अंसारी, संचालक इंडियन हैंडलूम