धनौरा रोड पर स्थित चाकी खेड़ा गांव में पिछले बीस दिन से तेंदुए की दस्तक से ग्रामीणों में दहशत है। बार-बार तेंदुआ देखे जाने के बावजूद वन विभाग नहीं चेत रहा है। मंडल आयुक्त से शिकायत किए जाने के बाद बृहस्पतिवार को को वन विभाग की टीम दौड़ी। टीम को चाकी खेड़ा के खेतों में तेंदुए के शावकों के निशान मिले हैं। ग्रामीणों ने तेंदुए को पकड़ कर इलाके से बाहर ले जाने की मांग की है।
बता दें के 10 अप्रैल को गांव चाकी खेड़ा में हरज्ञान के बाजरे के खेत में तेंदुुआ देखा गया था। पिछले चार-पांच दिन से उमेश सिंह की ईख में तेंदुए के छुपे होने की आशंका जताई जा रही थी। इस पर मंडी धनौरा सेंच्यूरी रेंजर इकबाल खान ने टीम के साथ मौके पर पहुंच कर छानबीन की थी।
बृहस्पतिवार की शाम गांव की निर्मला देवी, गोविंद और टिंकू ने खेत में पानी लगाते समय उमेश सिंह की ईख के पास दो शावकों को टहलते देखा था। इस पर ग्रामीणों ने मंडलायुक्त को मोबाइल पर सूचना कर दी। इसके बाद बृहस्पतिवार की शाम कुमराला प्रभारी राकेश कुमार टीम के साथ गांव पहुंचे और जांच पड़ताल की। उमेश सिंह की ईख के पास खाली खेत में शावकों के पंजों के निशान मिले हैं।
देर शाम शावकों संग देखी गई मादा तेंदुुआ
गजरौला। गांव चाकी खेड़ा के नवीन कुमार ने बताया कि बृहस्पतिवार की देर शाम वन विभाग की टीम के लौटने के बाद सात बजे करीब वह खेत पर पानी लगा रहा था। उसी समय उमेश सिंह की ईख के पास तेंदुआ और उसके शावक देखे गए।
कहीं नरभक्षी न हो जाए मादा तेंदुआ
गजरौला। वन विभाग की टीम भी मान चुकी है कि उमेश सिंह की ईख में अपना आशियाना बनाए बैठा तेंदुआ मादा है। ये बात बृहस्पतिवार को खेत में मिले शावकों के पंजों के निशान से स्पष्ट हो गई है। ऐसे में ग्रामीणों को सतर्क रहने की जरूरत है। यदि मादा तेेंदुआ को जरा भी अंदेशा हो गया कि उसके शावकों की जान को खतरा है तो वह ग्रामीणों पर भी हमला बोल सकती है। नरभक्षी हो सकती है।
तेंदुए की मौजूदगी की पुष्टि होने के बाद से ही टीम को लगा दिया गया है। शावकों के पंजे मिलने की जानकारी हुई है, शुक्रवार को तेंदुआ को पकड़ने के लिए ऑपरेशन चलाया जाएगा। -इकबाल खान, रेंजर, मंडी धनौरा सेंच्यूरी।