तेरह वर्ष की किशोरी से दुष्कर्म के दोषी को न्यायालय ने 48वें दिन 25 साल की सजा सुनाई है। इसके अलावा पचास हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। गिरफ्तारी के बाद से ही दोषी जेल में बंद है। उसे जमानत नहीं मिल सकी थी। दोषी साइको प्रवृत्ति का है, उस पर हसनपुर, गजरौला और सैदनगली थाने में पंद्रह मुकदमे दर्ज हैं।
हसनपुर कोतवाली क्षेत्र के गांव घंसूरपुर खालसा निवासी बबलू आदमपुर थाना क्षेत्र के एक गांव में अपने बहनोई के घर पर रहता था। 16 फरवरी 2014 की दोपहर करीब साढ़े बारह बजे वह गांव की एक छह वर्षीय बच्ची को बहला फुसलाकर अमरूद की बगिया में ले गया, जहां उसने बच्ची के साथ दुष्कर्म की कोशिश की थी।
पीड़िता के पिता की तहरीर पर आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट लिखाई गई। पुलिस ने संबंधित धाराओं के साथ ही पाक्सो एक्ट के तहत भी कार्रवाई की। बाद में पुलिस ने बबलू को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
इस मामले में 10 जून 2016 को प्रथम अपर जिला जज रमाकांत मिश्र की अदालत ने बबलू पर दोषी मानते हुए पांच वर्ष की कैद और पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई थी। कुछ दिन जेल काटने के बाद बबलू अपील पर जेल से बाहर आ गया था।