हसनपुर (अमरोहा)। सड़क किनारे टूटी पानी की बोतलें... लुड़की पड़ी हैं। पास ही छिटके एक छोटे बैग से टिफिन बाहर गिर चुका है। उसका ढक्कन खुला है। उसमें रखी रोटी-सब्जी बिखरी पड़ी है। कुछ मीटर दूर स्कूल की यूनिफाॅर्म में खून से लथपथ बच्चा जमीन पर लेटा है। उसके सिर से भी खून बह रहा है। वह बार-बार बोल रहा है मैम कहां हैं? सुबह-सुबह हंसते-खिलखिलाते बच्चों से भरी स्कूल वैन अब बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो चुकी है।
शुक्रवार सुबह हसनपुर-गजरौला मार्ग पर हुए इस सड़क हादसे ने दो परिवारों की दुनिया उजाड़ दी। एक मासूम बच्ची अनाया की जान चली गई जबकि शिक्षिका निशा ने भी अस्पताल में दम तोड़ दिया। हादसे में 13 बच्चे एक शिक्षिका रूबी व वैन चालक घायल हुए हैं। शिक्षिका रूबी मृतक छात्रा अनाया की मां हैं। घायलों में से एक बच्चे व शिक्षिका रूबी की हालत नाजुक है। हादसे के बाद चीखपुकार मच गई। वहां की तस्वीर देख अन्य लोगों की भी आंखें नम हो गई। सड़क पर बच्चों के टिफिन, बैग और पानी की बोतलें बिखर गए थे। किसी के टिफन से सब्जी बिखर गई तो किसी की पानी की बोतल लुड़कती हुई पुल के किनारे पहुंच गई। कुछ बच्चे सहमे हुए जमीन पर बैठे थे, तो कुछ खून से लथपथ साथियों को देखकर फफक-फफककर रोने लगे। मनौटा पुल के पास यह हृदय विदारक दृश्य था।