अमरोहा। बहू के साथ वोट डालने पहुंची अमीना खातून (70) की लोकतंत्र के महापर्व में अपनी अंतिम आहुति दी और मतदान केंद्र के भीतर ही दम तोड़ दिया। मतदान केंद्र परिसर में मौजूद डॉक्टर ने मौत का कारण हार्ट अटैक बताया। परिजनों ने बिना पुलिस कार्रवाई के शव को सुपुर्द-ए-खाक कर दिया है।
अमीना खातून अमरोहा नगर के मोहल्ला शिवद्वारा की रहने वाली थीं। उनके परिवार में दो बेटे शमीम, यामीन और तीन बेटियां हैं। दोनों बेटे शमीम और यामीन दिल्ली में रहते हैं। यहां शमीम टाइल्स-पत्थर का कारोबार करते हैं, जबकि यामीन दर्जी हैं। शुक्रवार को जिले में लोकसभा सीट के लिए मतदान हो रहा था। इसलिए अमीना खातून अपने बड़े बेटे यामीन की पत्नी नूरजहां के साथ पोलिंग बूथ पर वोट डालने गई थीं। जैसे ही वह अपने मोहल्ले के बूथ नंबर 35 के भीतर ईवीएम का बटन दबा रही थीं, तभी वह अचानक बेहोश होकर गिर पड़ीं। ये देखकर मतदान कार्मिकों और अमीना खातून की पुत्रवधू नूरजहां ने पानी डालकर उन्हें होश में लाने की कोशिश की लेकिन नाकाम रहे।
मतदान केंद्र पर तैनात अर्धसैनिक बल के जवान और पुलिसकर्मियों ने मतदान परिसर में मौजूद डॉक्टर को बुलाया। डॉक्टर ने अमीना खातून की हालत को देखते हुए मृत घोषित कर दिया। परिजनों के मुताबिक करीब सात महीने पहले अमीना खातून के पति शरीफ अहमद की भी मौत हो चुकी है। सीओ सिटी अरुण कुमार ने बताया अमीना खातून वोट डालकर पोलिंग बूथ से बाहर निकली थीं, तभी उनकी हार्ट अटैक से मौत हो गई। परिजन बिना पुलिस कार्रवाई के शव को घर ले गए और देर शाम सुपुर्द-ए-खाक कर दिया है।
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वोट डालने के बाद अचानक अमीना की मौत होना दुखद है। तहसीलदार सदर और मुख्य चिकित्सा अधिकारी को मृतका के घर भेजकर आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। उनके परिजन किसी प्रकार की कानूनी कार्रवाई नहीं चाहते हैं।
-राजेश कुमार त्यागी, डीएम/जिला निर्वाचन अधिकारी