आदमपुर/रहरा। सीएचसी रहरा में प्रसव के दौरान स्टाफ पर नवजात को बदलने का आरोप लगाया गया है। परिजनों का कहना है कि प्रसव के तुरंत बाद बताया गया कि बेटा हुआ है जबकि उसके बाद बेटी सौंपी गई। इसको लेकर हंगामा करते हुए परिजनों ने बच्चे के डीएनए जांच की मांग की है।
क्षेत्र के गांव चकफेरी निवासी वेदप्रकाश ने अपनी पत्नी सर्वेश को प्रसव पीड़ा के दौरान रविवार की दोपहर को रहरा सीएचसी में भर्ती कराया था। शाम चार बजे आशा ने डिलीवरी रूम से बाहर आकर बताया कि उनकी पत्नी को बेटा पैदा हुआ है। जिसके बाद उन्होंने वहां पर सभी लोगों को मिठाई खिलाई और खुशी का इजहार किया। प्रसव के चार घंटे बाद जब प्रसूता की छुट्टी कराने के लिए ले जाने की बात कही तो उनको लड़की सौंप दी गई। इसी को लेकर परिजनों ने सीएचसी में जमकर हंगामा किया।
महिला डॉक्टर से शिकायत की तो वह भड़क गईं। गांव की आशा का भी यही कहना है कि पहले लड़का बताया गया था बाद में लड़की दी गई। इसकी शिकायत दूरभाष पर सीएमओ से की गई है। हंगामे के बाद परिजन अस्पताल से मिली बेटी को ही अपने घर ले गए।
कराई जाएगी बच्चे की डीएनए जांच
सीएचसी प्रभारी डॉ. शशांक चौधरी ने बताया कि बच्चा बदलने की शिकायत मिली है। जांच की जा रही है। पहले पीड़िता और अस्पताल स्टाफ के बयान दर्ज कराए जाएंगे। इसके बाद अगर जरूरत पड़ी तो बच्ची की डीएनए जांच कराई जाएगी।