अमरोहा। ऑपरेशन त्रिनेत्र के तहत जिले की सभी 576 ग्राम पंचायत उच्च गुणवत्ता के सीसीटीवी कैमरे से लैस होंगी। इसमें ग्रामीणों की गतिविधियों के साथ उनकी आवाज भी रिकॉर्ड हो सकेगी। यह कैमरे प्रत्येक ग्राम पंचायत के प्रमुख चौराहों और अन्य महत्वपूर्ण स्थान पर लगाए जाएंगे। सीसीटीवी कैमरे लगाने पर आने वाला खर्च राज्य एवं केंद्रीय वित्त से किया जाएगा।
शासन ने गांवों में सीसीटीवी कैमरा लगवाने का निर्णय लिया है। खर्च राज्य वित्त एवं केंद्रीय वित्त से किया जाएगा। सभी कैमरों का नियंत्रण कक्ष पंचायत भवन या नजदीकी भवन में होगा। सीसीटीवी कैमरा के अलावा सड़क, नाली व अन्य सभी कार्य के लिए भुगतान पंचायत कार्यालय में लगाए गए कंप्यूटर के माध्यम से ही होगा।
पहले ग्राम प्रधान किसी भी कंप्यूटर से भुगतान कर देते थे। इसके लिए पंचायत गेटवे एप विकसित किया गया है। ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों के गतिविधियों को भी कैद किया जाएगा। स्वच्छ भारत मिशन, वित्त आयोग एवं अन्य योजनाओं के निर्मित सार्वजनिक, पंचायतों को हस्तांतरित परिसंपत्तियों की सुरक्षा, योजनाओं के अंतर्गत कराए जा रहे कार्यों का आच्छादन का आकलन, अनुश्रवण के लिए सीसीटीवी कैमरे का उपयोग किया जाएगा।
सीसीटीवी कैमरों के लिए ग्राम पंचायतों के प्रमुख स्थलों, सामुदायिक शौचालय, ग्राम सचिवालय, परिषदीय विद्यालय, प्रमुख मार्ग, मुख्य प्रवेश एवं निकास द्वार, मुख्य चौराहा एवं तिराहा को वरीयता दी जाएगी। डीपीआरओ पारुल सिसोदिया के मुताबिक सभी एडीओ पंचायत, ग्राम पंचायत सचिवों को निर्देशित किया गया है। जिले में कुछ गांवों में पहले से ही सीसीटीवी कैमरे लगाए जा चुके हैं। अब सभी ग्राम पंचायतों में सीसीटीवी कैमरे व पब्लिक एड्रेस सिस्टम लगवाने की दिशा में पूरी कोशिश है।
-
घटनाओं के खुलासे के लिए बनेंगे मददगार
गांवों में सीसीटीवी लगने से हर गतिविधि पर पैनी नजर रहेगी। गड़बड़ी करने वालों पर शिकंजा जाएगा। सुरक्षा के लिहाजा से कैमरे आपराधिक घटनाओं के खुलासे के लिए मददगार साबित होंगे।