रजबपुर। मध्य गंगा नहर के लिए अधिग्रहित हुई जमीन के चारे गुना मुआवजे की मांग को लेकर महिलाओं का आंदोलन लगातार जारी है। महिलाओं ने धरना स्थल पर ही दशहरा पूजन किया। उन्होंने हवन में आहुतियां देकर उनकी मांगें पूरी होने के लिए प्रार्थना की। उनका कहना है कि कोई भी त्योहार हो, धरना स्थल पर ही मनाएंगे। मुआवजा मिलने तक धरना जारी रखेंगे।
रजबपुर क्षेत्र के गांव कूबी, रामपुर घना, मोहनपुर एवं घंसूरपुर में साल 2011 में मध्य गंगा नहर के लिए जमीनें अधिग्रहित की गई थीं। लेकिन प्रशासन ने किसानों को मुआवजा नहीं दिया। अब प्रशासन किसानों को पुराने रेट पर ही मुआवजा दे रहा है। लेकिन किसान वर्तमान सर्किल रेट के अनुसार चार गुना मुआवजे की मांग कर रहे हैं। मांगों को लेकर फरवरी के महीने से किसान धरना दे रहे थे। विरोध में महिलाएं भी आगे आ गईं। उन्होंने 14 दिन पूर्व भूख हड़ताल शुरू कर दी।
नवरात्र में मौके पर ही माता की चौकी सजाकर पूजा शुरू कर दी। उन्होंने वहां भजन कीर्तन भी किए। उपवास भी रखे और हवन भी किया। सोमवार को महानवमी की पूजा के बाद मंगलवार को वहीं पर दशहरा मनाया। धरना स्थल पर ही उन्होंने दशहरा का पूजन कर हवन किया। महिलाओं का कहना है कि प्रशासन उनकी मांगों को गंभीरता के साथ नहीं सुन रहा है। जिससे उनकी भूमि तो जाएगी ही, उन्हें बड़ा आर्थिक नुकसान भी झेलना होगा। परिवार के भविष्य को देखते हुए वह अपने कदम पीछे नहीं हटाएंगी। प्रशासन को उनकी बात माननी होगी। मंगलवार को बबीता, निर्मला, अनु, आशा देवी, पूनम भूख हड़ताल पर रहीं। वहीं बड़ी संख्या में किसान भी धरना स्थल पर मौजूद रहे।