बुधवार शाम करीब सात बजे आई तेज आंधी के बाद रात करीब नौ बजे आंधी के साथ आई बारिश ने शहर से देहात तक जमकर कहर बरपाया। आंधी, बारिश के दौरान शहर में कई टिनशेड टूटकर बिखर गए। वहीं सड़कों के किनारे लगे बोर्ड आंधी के साथ उड़ गए। सड़कों पर जहां-तहां पेड़ गिरने से यातायात घंटों बाधित रहा। शहर से गांवों की आपूर्ति शाम सात बजे पूरी तरह ठप हो गई। घरों में रखे इन्वर्टरों के जवाब देने के बाद लोग रातभर अंधेरे में रहे। शुक्रवार को अधिकारियों की मौजूदगी में कई इलाकों की बिजली को दुरुस्त किया गया था।
इस काम के लिए जिले भर में 50 टीम में लगी हुई हैं। जबकि रजबपुर, दौलतपुर, कैलसा, दाउद सराय, गुलड़िया, तहरपुर समेत कई बिजली घरों से जुड़े 100 से अधिक गांवों में शुक्रवार को भी बिजली नहीं आ सकी। अधिकांश जगहों पर खंबे टूटे पड़े हैं तो कहीं ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त हैं। तीसरे दिन भी बिजली नहीं आने से इनवर्टर जवाब दे गए। गर्मी में लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। आलम यह है कि शहर- कस्बों में भी लगातार बिजली कटौती हो रही है। बिजली नहीं होने के कारण लोगों को पेयजल की किल्लत झेलनी पड़ रही है।