अमरोहा। न्यायिक कर्मचारी राशिद हुसैन की कार से टकराने वाली बाइक नहीं स्कूटी थी। हुसैनपुर की पुलिया पर दोनों की टक्कर का एक वीडियो सामने आया है। यह वीडियो पुलिया के नजदीक एक फर्म के सीसीटीवी कैमरे की फुटेज का है। वीडियो के आधार पर भी कार चला रहे राशिद हुसैन की कोई गलती नहीं दिख रही है। पीछे से टक्कर लगने के बाद गिरे स्कूटी सवार को देखने खुद राशिद हुसैन अपनी कार रोक कर उनके पास तक गए थे। करीब एक मिनट उनके पास रुके और बाद में कार में बैठकर निकल गए। इस वीडियो को पुलिस ने भी अपने कब्जे में ले लिया है और विवेचना का हिस्सा बनाया है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक स्कूटी सवार व्यक्ति कोई और नहीं बल्कि राशिद हुसैन की हत्या में नामजद शान के पिता है। नफीस अपने दो बच्चे अधियान व अरहान के साथ बंबूगढ़ की तरफ से संभल चौराहा जोया की तरफ जा रहे थे। ठीक 2:15 बजे राशिद हुसैन की कार पुलिया पर मुड़ने लगी थी। तभी पीछे से आई नफीस की स्कूटी का पहिया कार में चालक की दूसरी साइड में पीछे की तरफ छू गया।
दोनों वाहनों की स्पीड करीब 40 से 50 किलोमीटर प्रतिघंटे रही होगी। कार में टकराने के बाद स्कूटी गिर गई। इसके बाद न्यायिक कर्मचारी राशिद हुसैन ने कार रोकी और उतारकर गिरे पड़े स्कूटी सवार लोगों के पास पहुंचे। इतने में यहां राहगीरों की भीड़ इकट्ठी होने लगी। इसके बाद राशिद हुसैन ने अपनी कार में लगी रगड़ को दिखाया और सवार होकर आगे चल पड़े। पुलिस के मुताबिक हादसे स्थल से नफीस ने अपने बड़े बेटे शान को फोन करके हादसे के बारे में बताया। इसके बाद शान ने अपने तहेरे भाई कलीम को फोन करके बताया। इस दौरान कलीम संभल चौराहे स्थित एक निजी अस्पताल में था। तभी कलीम ने अपने साथियों के साथ मिलकर राशिद हुसैन की कार को रोक लिया और उनकी बेरहमी से पिटाई कर दी। स्कूटी और कार की जहां टक्कर हुई थी उस पुलिया से घटनास्थल करीब तीन किलोमीटर दूर है।
स्थानीय लोगों के मुताबिक जिस जगह राशिद हुसैन की पीटकर हत्या की गई वहां से करीब सौ मीटर दूर संभल चौराहा ओवरब्रिज के नीचे पुलिसकर्मी तैनात रहते हैं और पुलिस की हाईवे चार गाड़ियां भी आसपास में ही रहती हैं। बड़ा सवाल यह है कि घटना के समय आरोपी राशिद हुसैन को पीटते रहे और आधा घंटे तक गुंडई दिखते हुए नंगा नाच किया, लेकिन दोनों स्थानों पर तैनात पुलिसकर्मी समय रहते मौके पर नहीं पहुंचे। इस दौरान पुलिस का हाईवे चार वाहन भी तैनाती प्वाइंट पर नहीं था।
स्थानीय लोगों की सूचना पर करीब दस मिनट बाद कोतवाली पुलिस घटनास्थल पर पहुंची थी। यदि सौ मीटर दूर से संभल चौराहा पुल के नीचे तैनात पुलिस कर्मी या हाईवे चार पर तैनात पुलिसकर्मी समय रहते पहुंच गए होते तो शायद राशिद हुसैन की जान बच सकती थी। हालांकि, सोमवार को हाईवे से लेकर संभल चौराहा बंबूगढ़ वाले रास्ते पर पुलिस पिकेट और पुलिस के गायब होने का मामला उजागर किया तो मंगलवार को दोनों ही स्थान पर पुलिसकर्मी मुस्तैद मिले। जिस जगह राशिद हुसैन की पीट- पीटकर हत्या की गई थी, उसी स्थान पर पुलिस की हाईवे चार मिली और उसमें तीन पुलिस कर्मी सवार थे।