After 32 hours the leopard was unconscious and pulled out of the well
- फोटो : HASANPUR
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वंशीवाला मेहरपुर गांव के जंगल में वन विभाग की टीम ने मंगलवार की सुबह फिर से ट्रेंकुलाइजेशन गन शॉट देकर कुएं में गिरे तेंदुए को बेहोश किया और 32 घंटे के रेस्क्यू के बाद कुएं से निकाले गए तेंदुए को पिंजरे में बंद करके टाइगर रिजर्व अमानगढ़ में छोड़ दिया गया।
हसनपुर कोतवाली क्षेत्र वंशीवाला मेहरपुर गांव में किसान ओमपाल सिंह रविवार रात करीब 11 बजे अपने खेत से घर लौट रहा था। जैसे ही उसने रास्ते में टॉर्च जलाई तो रास्ते में खड़ा तेंदुआ अचानक आंखों पर टॉर्च की रोशनी पड़ने के बाद खेत में छलांग लगाकर कुएं में जा गिरा था। घर पहुंचे किसान ओमपाल ने मामले की जानकारी अन्य ग्रामीणों को दी। सूचना मिलने पर सोमवार की सुबह वन विभाग की टीम भी मौके पर पहुंच गई और पूरे दिन टीम ने रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। टीम द्वारा तेंदुए को बेहोश कर बाहर निकालने का प्रयास किया गया, लेकिन कोई सफलता नहीं मिल सकी। दो बार ट्रेंकुलाइजेशन गन शॉट लगने से भी तेंदुआ बेहोश नहीं हो पाया था। देर रात तक विफलता मिलने के बाद टीम ने कुएं को जाल से ढक दिया था और वन विभाग टीम तैनात कर दी गई थी। मंगलवार सुबह करीब सात बजे टीम ने फिर से प्रयास करके तेंदुए को बेहोश कर दिया और कुएं से बाहर निकाल लिया।
वन क्षेत्राधिकारी शीशपाल ने बताया कि तेंदुए को कुएं से बाहर निकाल कर अमानगढ़ टाइगर रिजर्व में छोड़ दिया गया है। परीक्षण के दौरान तेंदुआ पूरी तरह स्वस्थ पाया गया है।