कोरोना महामारी के बढ़ते प्रकोप के बीच अब 23 जनवरी तक सभी स्कूल बंद रहेंगे। हालांकि स्कूलों में किशोर वर्ग के छात्र-छात्राओं का टीकाकरण जारी रहेगा। वहीं सरकार के फैसले की अभिभावकों ने स्वीकार किया। बढ़ते संक्रमण को लेकर अभिभावक घबराए हुए हैं। वह ऑनलाइन पढ़ाई को लेकर सहमत है। साथ ही संक्रमण थमने तक स्कूलों की छुट्टी रखने की अपील की है।
यूपी में लगातार बढ़ रही कोरोना संक्रमितों की संख्या देखते हुए शासन ने 16 जनवरी तक स्कूलों में अवकाश घोषित किया था। जिसकी मियाद रविवार को खत्म हो गई। सोमवार को स्कूल खुलना प्रस्तावित था, लेकिन रविवार को फिर शासन ने स्कूल-कॉलेजों को 23 जनवरी तक बंद रखने का आदेश दिया है। साथ ही 12वीं तक के स्कूलों में ऑनलाइन पढ़ाई जारी रहेगी।
इसके अलावा स्कूलों कालेजों में किशोर वर्ग के छात्रों को कोरोना से बचाव का टीका लगाया जाएगा। उधर, बढ़ते संक्रमण को देखते हुए अभिभावक फिलहाल बच्चों की सेहत को लेकर चिंतित हैं और ऑनलाइन पढ़ाई के लिए सहमति हैं। बच्चों को स्कूल भेजने से स्पष्ट मना किया है। जिला विद्यालय निरीक्षण ने बताया शासन के निर्देशानुसार छुट्टी बढ़ा दी गई हैं।
संक्रमण खत्म होने तक ऑनलाइन पढ़ाएं
जिले में कोरोना का प्रकोप बढ़ता जा रहा है, ऐसे में स्कूलों को ऑनलाइन पढ़ाई ही करानी चाहिए। बच्चों के स्कूल में रहकर पढ़ने से संक्रमण का खतरा अधिक है। सरकार और स्कूलों को इस पर गंभीरता से सोचना होगा।- नीरा देवी
संक्रमण खत्म होने के बाद ही भेजेंगे
कोरोना संक्रमण खत्म होने के बाद ही बच्चों को स्कूल भेजेंगे। लोग तेजी से महामारी की चपेट में आ रहे हैं, बच्चों को इस लहर से बचाना जरूरी है। ऑनलाइन कक्षाओं के जरिए ही बच्चों को पढ़ाया जाए। स्कूल बंद रहें।- वसीम यूसुफ
फिलहाल जारी रहे ऑनलाइन
कोरोना तेजी से फैल रहा है, मामला बच्चों की सेहत से जुड़ा है। ऐसे में बच्चों को स्कूल भेजना उचित नहीं है। क्योंकि जब तक कोरोना सामान्य नहीं होता, बच्चों को ऑनलाइन शिक्षा ही दिलाएंगे। -सहाना बी
बच्चों पर घातक असर दिखा सकता है कोरोना
बच्चों पर कोरोना घातक असर दिखा सकता है, ऐसे में भलाई इसी में है कि बच्चों को घर पर ही ऑनलाइन पढ़ाया जाए। जब तक कोरोना संक्रमण सामान्य नहीं होगा, बच्चों को स्कूल नहीं भेजेंगे।-इफ्तेखार सैफी एडवोकेट