नौगांवा सादात। ईंट-भट्ठा के अनापत्ति प्रमाणपत्र को लेकर नौगांवा तहसील के अधिवक्ता और लेखपाल आमने-सामने आ गए। नौबत खींचतान तक पहुंच गई। तहसील परिसर में जमकर हंगामा हुआ। अपने कार्यालय में मौजूद एसडीएम में समझा कर बिगड़ते हालात संभाले। हालांकि, उच्च अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद विवाद शांत हुआ।
जनपद में तमाम ईंट-भट्ठे बिना प्रदूषण सर्टिफिकेट के चल रहे हैं। ऐसे में डीएम राजेश कुमार त्यागी ने सभी तहसीलों के लेखपालों को अपने-अपने क्षेत्र के ईंट-भट्ठे के अनापत्ति प्रमाणपत्र को लेकर जांच करने के निर्देश दिए हैं। इस क्रम में नौगांवा सादात तहसील से जुड़े लेखपालों ने कुछ भट्ठा मालिकों को बुलाया था। सूत्रों के मुताबिक एक ईंट-भट्ठा मालिक का भाई अधिवक्ता भी हैं। नौगांवा सादात तहसील में ही प्रैक्टिस करते हैं। अधिवक्ता के ईंट-भट्ठा मालिक के भाई भी लेखपाल के पास पहुंचे थे। इस दौरान किसी बात को लेकर अधिवक्ता और लेखपाल के बीच कहासुनी होने लगी। विवाद इतना बढ़ा की तहसील के अधिवक्ता और लेखपाल आमने-सामने आ गए। जमकर हंगामा हुआ। नौबत खींचतान और हाथापाई तक पहुंच गई। तहसील में अपने कार्यालय में मौजूद एसडीएम सुधीर कुमार सिंह ने हस्तक्षेप कर विवाद को शांत कराया। दोनों पक्षों से अलग-अलग बात की। इसके बाद विवाद शांत हो गया। इस मामले में किसी भी पक्ष की ओर से पुलिस कार्रवाई नहीं की गई है।