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Amroha News: मावा, दूध, साबूदाना, पनीर और छेना में मिली मिलावट, छह मामलों में 3.55 लाख का जुर्माना

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अमरोहा। एडीएम वित्त एवं राजस्व की कोर्ट ने छह मामलों में कुल 3.55 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। जांच में मिश्रित दूध, मावा, साबूदाना, पनीर और छेना के नमूने अधोमानक पाए गए थे। खाद्य विभाग ने पिछले माह इन नमूनों को जांच के लिए भेजा था। रिपोर्ट आने के बाद मामलों की सुनवाई एडीएम कोर्ट में चली। इनमें मऊमयचक निवासी जुबैर पर मावा अधोमानक मिलने के मामले में सर्वाधिक दो लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। जुर्माना जमा न करने पर आरसी की कार्रवाई की जाती है।
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सहायता आयुक्त खाद्य विनय कुमार अग्रवाल ने बताया कि गत दिनों खाद्य पदार्थों के सैंपल लेकर जांच को भेजे गए थे। जांच में 6 सैंपल अधोमानक आए थे। संबंधित विक्रेताओं के खिलाफ एडीएम कोर्ट में वाद दायर कराया गया था। अब इस मामले में एडीएम कोर्ट से संबंधित विक्रेताओं के खिलाफ 3.55 हजार रुपये के जुर्माने की कार्रवाई हुई है। उन्होंने बताया कि छेना रसगुल्ला, पनीर, मिश्रित दूध, मावा, साबूदाने का सैंपल जांच में अधोमानक आया है।
खाद्य पदार्थों में मिलावट रोकने के लिए छापे की कार्रवाई जारी रहेगी। बताया कि इसमें से 25 हजार रुपये का जुर्माना जमा किया गया। पिछले माह के आदेश के अनुसार इस माह 2.40 लाख का जुर्माना जमा किया गया। इस माह कुल 2.65 लाख रुपये का जुर्माना जमा किया गया। खाद्य पदार्थों के नमूने लिए जाते हैं लेकिन उनकी रिपोर्ट काफी देर से आती है।
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पिछले माह भी एडीएम कोर्ट ने 13 लाख का जुर्माना लगाया
अमरोहा। खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई के बाद एडीएम (वित्त एवं राजस्व) की कोर्ट ने पिछले माह 13 मामलों में 13.40 लाख रुपये का जुर्माना लगाया। इनमें एक्सपायरी खाद्य सामग्री और अधोमानक क्रीम बेचने के दो मामलों में 10 लाख रुपये का जुर्माना हुआ।
सहायक आयुक्त खाद्य विनय अग्रवाल के नेतृत्व में 23 अप्रैल को डिडौली कोतवाली क्षेत्र के गांव ढकिया चमन में छापेमारी की गई थी। गोदाम से करीब 7.86 लाख रुपये मूल्य की खाद्य सामग्री बरामद हुई, जिसमें काजू बर्फी, नमकीन, चिप्स, नूडल्स, मूंगफली नमकीन और रस्क शामिल थे। जांच में एक्सपायरी उत्पादों को खोलकर नए पैकेटों में भरकर साप्ताहिक बाजारों में बेचने का मामला सामने आया। कई उत्पादों की पैकेजिंग भी मानकों के अनुरूप नहीं मिली।
विभाग ने खाद्य पदार्थों के मालिक कलीम के खिलाफ एडीएम कोर्ट में वाद दायर किया। जांच में सरसों का तेल, पनीर, मिश्रित दूध, मिठाई, मैदा, ड्राई फ्रूट्स और छुहारा समेत कई खाद्य पदार्थ अधोमानक मिले। विभाग के अनुसार मिश्रित दूध में फैट का मानक 4.5 प्रतिशत है। इससे कम या अधिक होने पर दूध अधोमानक माना जाता है। सरसों का तेल और छुहारा भी गुणवत्ता मानकों पर खरे नहीं उतरे।
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दूध में मिलावट की जांच कैसे करें
अमरोहा। दूध में मिलावट की जांच आप घर पर ही कुछ बेहद आसान तरीकों से कर सकते हैं। दूध में मुख्य रूप से पानी, स्टार्च (आरा रोट/मांड), डिटर्जेंट और यूरिया जैसी चीजों की मिलावट की जाती है। पानी की मिलावट किसी चिकनी और तिरछी सतह (जैसे कांच या मोजेक की दीवार या थाली) पर दूध की एक बूंद टपकाएं। अगर दूध धीरे-धीरे बहता है और पीछे एक सफेद निशान छोड़ता है, तो दूध शुद्ध है। यदि दूध बिना कोई निशान छोड़े तेजी से बह जाता है, तो उसमें पानी मिला हुआ
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सरसों के तेल में मिलावट की जांच
सरसों के तेल की जांच भी घर पर कर सकते हैं। अक्सर सरसों के तेल में सस्ता पाम ऑयल, राइस ब्रान ऑयल या खतरनाक आर्गेमोन तेल मिलाया जाता है। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण और विशेषज्ञों के अनुसार, शुद्धता जांचने के तरीके है। एक कटोरी में थोड़ा सा सरसों का तेल लें और उसे दो से तीन घंटे के लिए फ्रिज में रख दें। शुद्ध सरसों का तेल पूरी तरह तरल (लिक्विड) ही रहेगा। अगर तेल जम जाता है या उस पर सफेद धब्बे दिखने लगते हैं, तो उसमें पाम ऑयल या अन्य सस्ते तेल की मिलावट है। थोड़ा सा तेल अपनी हथेली पर लें और उसे अच्छी तरह रगड़ें। यदि तेल से कोई कृत्रिम रंग छूटने लगे, हथेली पर पीलापन चिपक जाए या केमिकल जैसी गंध आए, तो तेल मिलावटी है। असली तेल कोई रंग नहीं छोड़ता।
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