फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Amroha News: किसान की हत्या में दत्तक पुत्री और उसका प्रेमी दोषमुक्त

Fri, 07 Nov 2025 02:27 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
विज्ञापन
विज्ञापन
अमरोहा। चार साल पहले किसान नन्हू सिंह उर्फ ललतू सिंह की हत्या में नामजद नाबालिग दत्तक बेटी व उसके कथित प्रेमी बॉबी को कोर्ट ने दोष मुक्त कर दिया है। दोनों जमानत पर जेल से बाहर थे।
विज्ञापन

परिजनों के मुताबिक छह मार्च 2022 की रात डिडौली क्षेत्र के तोफापुर गांव निवासी किसान ललतू सिंह की गला दबाकर हत्या कर दी गई थी। ललतू बेऔलाद थे और उन्होंने एक बच्ची को गोद लिया था। वारदात के समय उनकी बेटी 12वीं की छात्रा थी। ललतू सिंह के साले के बेटे प्रमोद ने अज्ञात के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी जबकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला दबाकर हत्या की पुष्टि हो गई।
पुलिस ने दावा किया था कि ललतू की नाबालिग दत्तक बेटी की शादी तय हो चुकी थी। इस शादी में ललतू के साले का दामाद बिचौलिया था। ललतू सिंह के नाम करीब 40 बीघा जमीन है। इसको हड़पने के लिए ही ललतू सिंह की हत्या की गई। वहीं, ललतू के भाई ने उसकी दत्तक बेटी व गांव के ही कथित प्रेमी बॉबी पर हत्या में शामिल होने का शक जताया था। दोनों पहलुओं पर पुलिस और सर्विलांस टीम ने जांच की जिसके बाद पुलिस ने ललतू की दत्तक पुत्री और गांव निवासी बॉबी को गिरफ्तार कर लिया था।
विज्ञापन

पुलिस ने दावा किया था कि ललतू की बेटी और आरोपी बॉबी के पिछले एक साल से प्रेम संबंध थे जबकि ललतू और उसकी पत्नी प्रेमवती इसके खिलाफ थे। आरोपी बेटी प्रेमी के साथ मिलकर रात के समय माता-पिता को नशे की गोलियां देकर बेहोश कर देती थी। ललतू की मौत से करीब डेढ़ महीने पहले संदिग्ध हालत में उनकी पत्नी प्रेमवती की भी मौत हो गई थी जिसके बाद ललतू ने बेटी की शादी दूसरे गांव में तय कर दी थी।
घटना वाली रात भी बेटी ने प्रेमी बॉबी के साथ मिलकर ललतू को नींद की गोलियां खिलाकर बेहोश कर दिया था जिसके बाद दोनों ने उनकी गला दबाकर हत्या कर दी। पुलिस ने नाबालिग बेटी को बाल सुधार गृह व प्रेमी बॉबी को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया था। बाद में दोनों जमानत पर छूट गए थे। मुकदमे की सुनवाई कोर्ट में चल रही थी। दोनों पक्षों को सुनने के बाद न्यायालय ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर पाया कि ललतू सिंह की हत्या गला दबाकर की गई थी लेकिन अभियोजन पक्ष यह साबित नहीं कर पाया कि गला बेटी और उसके कथित प्रेमी ने दबाया था। साक्ष्यों में कमजोरी के आधार पर कोर्ट ने दोनों को बरी कर दिया।
कोर्ट में बेटी का तर्क
मेरी मां प्रेमवती की मौत 15 जनवरी 2022 को हो गई थी। इसके बाद पांच मार्च 2022 की रात में मेरे पिता ललतू सिंह घर में बरामदे में सोए थे और मैं कमरे में सोई हुई थी। रात में करीब ढाई बजे मेरे कमरे के दरवाजे पर जोर-जोर आवाज आई जिससे मेरी आंख खुली। मैंने जोर से पूछा कौन, एक बार आवाज आई लेकिन मैं नींद में थी। उस समय मैं डर भी गई थी। फिर काफी देर बाद दरवाजे को खोला तो कोई दिखाई नहीं दिया। मैंने चारपाई पर देखा तो पिता ललतू चुपचाप लेटे थे। मैंने आवाज दी लेकिन कोई जवाब नहीं मिला।
अभियोजन तर्क
किसान ललतू सिंह की हत्या पांच मार्च 2022 की रात आरोपी बॉबी व मृतक की गोद ली हुई बेटी ने गला की थी। दोनों के बीच प्रेम संबंध थे। दत्तक बेटी ने पिता की हत्या बॉबी से विवाह करने एवं उनकी संपत्ति प्राप्त करने इरादे से की गई।
बचाव पक्ष का तर्क, ललतू व उनकी पुत्री की हत्या का था इरादा
बचाव पक्ष की ओर से तर्क दिया गया कि ललतू की हत्या बेटी ने नहीं बल्कि उनके भाई लेखराज व उसके पुत्रों के द्वारा संपत्ति के लालच में की थी। ललतू के रिश्तेदार प्रमोद ने कहा कि ललतू व लेखराज के बीच जमीनी विवाद चल रहा था। लेखराज नहीं चाहते थे कि ललतू की संपत्ति की वारिस दत्तक पुत्री बने। घटना वाली रात 2.30 बजे के करीब उसके कमरे के दरवाजे पर जोर जोर से किसी ने दस्तक दी थी। डर की वजह से दरवाजा नहीं खोला था। इससे यह साबित होता है कि आरोपियों का इरादा दोनों पिता-पुत्री की हत्या करना था।
आरोपी बॉबी मृतक ललतू सिंह के घरेलू काम करता था। इसलिए बॉबी से फोन पर वार्ता मृतक व उनकी बेटी करते थे। बेटी की शादी उसके पिता ने जिस लकड़े से तय की उसने शादी उसी लड़के से की। सीडीआर स्पष्ट होता है कि उसकी होने वाले पति से भी घंटों बात होती थी। फोन व सिम भी होने वाले पति द्वारा दिया गया था। हत्यारे दोनों पिता-पुत्री की हत्या करके भी आरोपी बॉबी पर आरोप लगाते कि दोनों प्रेम प्रसंग था। अन्य जगह रिश्ता होने के कारण बॉबी ने पिता-पुत्री की हत्या कर दी। लिहाजा लेखराज ने पुलिस से मिलकर मनगढ़ंत कहानी बनाकर बेटी व बॉबी के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल कराया और उसके पिता की संपत्ति पर कब्जा कर लिया।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें