जिलाधिकारी के निर्देश पर नायब तहसीलदार ने क्षेत्र के गांव आजमपुर में एक झोलाछाप का क्लीनिक सील कर दिया है। टीम के पहुंचने से पहले ही झोलाछाप अपना क्लीनिक छोड़कर फरार हो गया। फिलहाल उसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई है। बताया जाता है कि क्लीनिक को सील करने के दौरान आए एक फोन काल ने अथारिटी के हाथ बांध दिए।
क्षेत्र के गांव आजमपुर में एक झोलाछाप काफी अरसे से अपना क्लीनिक चला रहा है। सरकार बदलते ही किसी ने इसकी सूचना जिलाधिकारी को दी। डीएम के निर्देश पर एसडीएम ने नायब तहसीलदार राकेश जयंत को कार्रवाई के लिए भेजा।
साथ में सरकारी अस्पताल के चिकित्सक कुणाल पाराशर को भी ले गए। टीम के मौके पर पहुंचते ही झोलाछाप अपना क्लीनिक खुला छोड़कर फरार हो गया। क्लीनिक में बड़ी मात्रा में अंग्रेजी दवाएं मौजूद थी। छापेमारी की जानकारी होने पर मौके पर तमाम ग्रामीण एकत्र हो गए।
पुलिस की मौजूदगी में नायब तहसीलदार ने क्लीनिक सील कर दिया। इस संबंध में एसडीएम ने विस्तृत जानकारी के लिए नायब तहसीलदार से संपर्क करने के लिए कहा। नायब तहसीलदार से जानकारी की गई तो उन्होंने क्लीनिक सील करने से इंकार किया।
बताया जाता है कि सील करने की कार्रवाई के दौरान ही एक फोन काल ने मशीनरी के हाथ बांध दिए। लेकिन क्लीनिक सील के फोटो इस बात की गवाही दे रहे हैं कि क्लीनिक सील किया गया है।