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उपलब्धि 2024 : गंगा एक्सप्रेस-वे का 70% काम पूरा, स्टेडियम भी तैयार

Fri, 27 Dec 2024 01:19 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
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अमरोहा के मालीखेड़ा में ​स्थित स्पोर्ट्स स्टेडियम। संवाद - फोटो : संवाद
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अमरोहा।
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27 साल पहले जनपद के रूप में अपनी पहचान बनाने वाला अमरोहा धीरे-धीरे विकास की राह पर आगे बढ़ रहा है। विकास की इस रफ्तार में अमरोहा और गजरौला को जहां महायोजना की सौगात मिली, गंगा एक्सप्रेस-वे का जिले में 70 प्रतिशत से ज्यादा काम पूरा हो गया है।
स्टेडियम भी युवाओं को सौगातें देने को तैयार है। गजरौला में एक अंडरपास बनकर तैयार हुआ तो हसनपुर में तहसील का निर्माण भी पूरा हो गया है। साथ ही जिले में मैंगो पैक हाउस की सभी जरूरी प्रक्रिया भी पूरी ली गई है। जहां से इस बार मिर्च और आम का निर्यात भी किया गया। इसके साथ ही कई विकास कार्यों से जिले के लोगों को राहत मिली।
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शहर को व्यवस्थित बनाएगी महायोजना : साल के शुरुआती दौर में शासन ने महायोजना की मंजूरी पर अपनी मुहर लगा दी थी। मार्च माह में मंजूरी के बाद सितंबर में विनियमित क्षेत्र बोर्ड ने भी महायोजना के प्रस्ताव को मंजूरी देते हुए शहर के विकास का नया खाका खींचा था। महायोजना लागू होने के बाद शहर को व्यवस्थित तरीके से बसाया जाएगा। रिंग रोड की सौगात भी मिलेगी। जिससे शहर में लगने वाले जाम से निजात मिल सकेगी। इसी के साथ आवासीय, व्यवसायिक व औद्योगिक गतिविधियों के लिए अलग-अलग जगहों को निर्धारण किया जा सकेगा। संवाद
छुट्टा पशुओं से निजात को बनीं तीन गोशालाएं
अमरोहा। ग्रामीणों व फसलाें के लिए छुट्टा पशु अक्सर परेशानी का सबब बनते रहे हैं। सड़कों पर घूमने वाले छुट्टा पशु जहां हादसों का सबब बनते हैं, वहीं फसलों की बर्बादी भी करते हैं। छुट्टा पशुओं को संरक्षित करने के लिए जिले में पशुपालन विभाग द्वारा तीन गोशालाओं का निर्माण कराया गया। रहमापुर माफी, मउमय चक व चंदनपुर कोटा में गोशालाओं का निर्माण पूरा होने के बाद पशुओं संरक्षण भी शुरू कर दिया गया है।
मैंगो पैक हाउस की मशीनों को मिली एपीडा की एनओसी
अमरोहा। 1442.55 लाख रुपये की लागत से मंडी समिति परिसर में मैंगो एवं वेजिटेबल इंटीग्रेटेड पैक हाउस के निर्माण के बाद मशीनों को एपीडा की अनुमति नहीं मिलने के इसका संचालन सुचारू नहीं हो पा रहा था। सितंबर माह में हॉट वाटर ट्रीटमेंट व वीएचटी (वेपर हीटेड ट्रीटमेंट) मशीनों को कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा) का अनापत्ति प्रमाण पत्र मिल गया है। इसके साथ ही विदेशों में सब्जियां व आम को निर्यात करने की राह आसान हो गई है। इसी साल यहां से मिर्च व आम का निर्यात भी किया गया।
हसनपुर में तहसील भवन निर्माण पूरा
हसनपुर। आठ साल से हसनपुर में तहसील का संचालन अस्थाई रूप से मंडी समिति में किया जा रहा है। वर्ष 2016 में तहसील भवन के निर्माण होने के दौरान दो साल के लिए अस्थाई रूप से तहसील का संचालन मंडी समिति में शुरू किया गया था, लेकिन अब तहसील भवन का निर्माण पूरा हो गया है। नई तहसील का निर्माण कार्य लगभग नौ करोड़ 50 लाख रुपए की लागत से कराया गया है।

मास्टर प्लान से खुलेंगे विकास के द्वार
गजरौला। बीत रहा वर्ष 2024 गजरौला की उपलब्धियों के लिए हमेशा याद किया जाएगा। इसी साल फरवरी में वर्ष 2031 तक के लिए मास्टर प्लान लागू किया गया। इसके दायरे में धनौरा तहसील क्षेत्र के 13 गांव और हसनपुर तहसील क्षेत्र के नाै राजस्व गांव शामिल किए गए। 5113 हेक्टेयर क्षेत्र में फैले रकबे में एमडीए की अनुमति बिना कोई काम नहीं होगा। एमडीए के अफसरों का दावा है कि 2031 तक 1800 नए आवास उपलब्ध कराए जाएंगे। गजरौला क्षेत्र में दस वर्ष में एक हजार करोड़ रुपये का निवेश आएगा।
रेलवे के लिए सौगात भरा रहा मौजूदा साल
गजरौला। दिल्ली-लखनऊ रेलवे लाइन पर पृथ्वीपुर कलां व मोढ़ी जट के बीच रेलवे का फाटक संख्या-13 है। फाटक संख्या-10 सिरसा मोहन व कमालपुर पट्टी के बीच में पड़ता है। फाटक संख्या-22 मीरा सराय व पचोकरा गांव के बीच में है। इस रूट से दिनभर ट्रेन गुजरती रहती हैं। जिनके लिए फाटक बंद करने के कारण वाहन दोनों तरफ खड़े हो जाते हैं। कई बार जाम लग जाता है। इस परेशानी को दूर करने के लिए उपरोक्त तीनों फाटकों पर बीते महीने अंडरपास बनाने का काम शुरू किया गया। एक फाटक पर चार करोड़ रुपये का खर्चा आएगा। बाकी पांच फाटक पर भी अंडरपास बनाए जाने का काम शुरू किया जाएगा। आने वाले साल में अंडरपास का काम पूरा हो जाने पर लोगों को बड़ा लाभ मिलेगा। इसके अलावा पौने तीन करोड़ से रेलवे के सीनियर सेक्शन इंजीनियर रेलपथ का भवन बनकर तैयार हुआ।
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हाईवे को मिली कई अंडरपास की सौगात
गजरौला। दिल्ली-लखनऊ राष्ट्रीय राजमार्ग पर लोगों को हादसे से बचाने के लिए अंडरपास की सौगात मिली। इसके अलावा ओसीता जगदेवपुर में दशकों पुरानी अंडरपास बनाए जाने की मांग पूरी हो गई। कांकाठेर समेत नाईपुरा में भी अंडरपास का निर्माण किया जा रहा है।
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