अमरोहा। लकड़ा बाजार में सराफ की दुकान में घुसकर स्वर्ण अग्रवाल के सिर पर धारदार हथियार से जानलेवा हमला करने के मामले में आरोपी अंकित ने बुधवार को सीजेएम कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया। प्राथमिकी दर्ज होने के बाद से पुलिस उसकी तलाश में जुटी थी, लेकिन वह पुलिस को चकमा देकर सीधे कचहरी पहुंच गया। पुलिस अब मामले में फरार अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास कर रही है।
घटना दो अक्टूबर की है। मोहल्ला लकड़ा बाजार निवासी राकेश अग्रवाल की बाजार में सराफ की दुकान है। उनके दोनों बेटे रजत और स्वर्ण भी दुकान पर बैठते हैं। राकेश अग्रवाल का आरोप था कि जयप्रकाश अग्रवाल उनसे व्यापार को लेकर रंजिश रखता है। इसी के चलते शुक्रवार शाम जयप्रकाश के बेटे अंकित, एकांश और नितिन अपने कुछ अज्ञात साथियों के साथ दुकान में घुस आए थे। आरोप है कि हमलावरों ने गाली-गलौज करते हुए दुकान के काउंटर और सामान में तोड़फोड़ की। विरोध करने पर अंकित ने स्वर्ण अग्रवाल के सिर पर धारदार हथियार से वार कर दिया, जिससे वह लहूलुहान हो गया। बीचबचाव करने पहुंचे रजत और उनके पिता राकेश अग्रवाल पर भी हमला किया गया, हालांकि दोनों बाल-बाल बच गए।
मामले में अंकित, एकांश और नितिन समेत चार आरोपियों के खिलाफ जानलेवा हमला और अन्य धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। इसके बाद से आरोपी फरार चल रहे थे। बुधवार को अंकित ने सीजेएम कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया। सीओ सिटी डॉ. प्रदीप कुमार ने बताया कि अन्य भागे आरोपियों की तलाश की जा रही है। उन्हें जल्द गिरफ्तार कर चालान किया जाएगा।